एसएसबी ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से चलाया जागरूकता अभियान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजित ठाकुर<&sol;strong> एसएसबी 56 वीं वाहिनी बथनाहा के द्वारा विगत दो सप्ताह से मिशन फॉर लाइफ कार्यक्रम के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता अभियान सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के बीच चलाया जा रहा है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शुक्रवार को पर्यावरण अनुरूप जीवन शैली को अपनाने के लिए सुरेन्द्र विक्रम&comma; कमांडेंट के नेतृत्व में एसएसबी कैम्प बथनाहा से जोगबनी बॉर्डर तक वाहिनी के अधिकारियों&comma; कार्मिकों एवं प्रश्विकृत मध्य विद्यालय कोशी शिविर बथनाहा के छात्रों के द्वारा साइकिल रैली का आयोजन किया गया ।<code> <&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>साइकिल रैली में उपस्थित समस्त कर्मियों तथा स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए 56 वीं वाहिनी के कमांडेंट ने कहा कि सम्पूर्ण सृष्टि की रक्षा के लिए पर्यावरण का संरक्षण अति आवश्यक है।अतः आप सभी अपने दैनिक जीवन शैली को पर्यावरण की रक्षा के अनुरूप बनाने हेतु संकल्प लें तथा जीवनरक्षक पर्यावरण की रक्षा हेतु अपनी बहुमूल्य जिम्मेदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील किया कि आगामी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण कर सम्पूर्ण सृष्टि की रक्षा करने में अपना बहुमूल्य योगदान दें। उन्होंने मिशन लाईफ थीम अंतर्गत विन्दुओ पर उपस्थित लोगों के बीच महत्वपूर्ण व्याख्यान भी दिए<&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा अंतर्गत अपने जीवन शैली को इस प्रकार बनाएं की अपने दैनिक जीवन में बिजली को बचाने वाले उपाय&comma; जल संरक्षण&comma; दैनिक जीवन में प्लास्टिक का प्रयोग न करने&comma; सतत भोजन की व्यवस्था को अंगीकार करने कचरे को घटाना स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया। इसके अतिरिक्त श्रीअन्य का इस्तेमाल&comma; सतत वृक्षारोपण अक्षत ऊर्जा स्रोतों से बिजली एवं ताप उत्पन्न करने वाले उपकरणों का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाना शामिल हो &comma; अपने व्यक्तिगत मोटर वाहनों का कम से कम उपयोग&comma; ऊर्जा की बचत के लिए सोलर सिस्टम आधारित ऊर्जा का अधिकतम उपयोग करना इत्यादि को अपने जीवन शैली में अंगीकार करें&comma; जिससे हम पर्यावरण को अधिक से अधिक संबल बना सकें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर उन्होंने मोटे अनाज के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए कहा कि श्रीअन्न जैसे ज्वार&comma; बाजरा&comma; रागी इत्यादि कम पानी की खपत से तैयार होने वाला फसल है। इसके उपयोग से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी अत्यंत ही महत्वपूर्ण है । अतः अधिक से अधिक मोटे अनाज का उपयोग करें व अपने आसपास ज्यादा से ज्यादा मोटे अनाज की खेती करने हेतु लोगों को जागरूक करें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>संबोधन के पश्चात उन्होंने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया । इस साइकिल रैली में कमांडेन्ट के आलावे डॉ&period; एचके&period;सिंदे&comma; कमांडेंट &comma;चिकित्सा&comma; उप कमांडेंट सह प्रचार अधिकारी पूर्णेदु प्रभाकर&comma; सहायक कमांडेंट मनिंद्र नाथ सरकार&comma; डॉ&period; मिस लीला&comma; 56वीं वहिनी के कर्मी तथा मध्य विद्यालय कोशी शिविर बथनाहा के छात्रों ने रैली में भाग लिया । साइकिल रैली में पर्यावरण रक्षा संबंधित बैनर&comma; स्लोगन पट्टी&comma; राष्ट्रीय तिरंगा झंडा के प्रदर्शन एवं देशभक्ति व पयार्वरण रक्षा संबधी गीत के प्रदर्शन के माध्यम से क्षेत्र में जागरुकता कार्यक्रम चलाया गया।<&sol;p>&NewLine;

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