उदासीन संगत मठ में मनाया गया श्री गुरु पर्व

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित &colon;<&sol;strong> पितृ पक्ष कृष्ण पक्ष नवमी तिथि को पुनर्वसु नक्षत्र में उदासीन संगत मठ के संत महंत समिति सदस्य आम जनता ने मिलकर श्री गुरु पर्व का महोत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया&period;आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया की लगभग 400 वर्ष हो गया तब से आज तक श्री गुरु पर्व महोत्सव प्रतिवर्ष मनाया जाता है&period; इस ऐतिहासिक जगह की अपेक्षा आज तक की जाती रही है सरकार का यहां ध्यान कभी भी नहीं गया और ना ही इसके उत्थान पूर्ण उत्थान के लिए कोई योजना ही बनाई गई&period;चार सौ वर्षों से सुरक्षित श्री गुरु नानक देव जी महाराज के हस्तलिखित &lpar; ग्रंथ &rpar; श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश कर सभी भक्तों को दर्शन कराया गया&period; रूढ़िवादी परंपरा अनुसार कड़ा प्रसाद का भोग लगाया गया व सभी भक्तों में वितरण किया गया&period;महोत्सव में महंत सागर दास आचार्य अमित कुमार गौरी शंकर उपाध्यक्ष&comma; अनिल पंडीत&comma; अमरजीत राजेश गणेश राकेश सोनू समेत सभी कार्यकारिणी समिति सदस्य भक्तगण मौजूद रहे&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बताया जाता है की हमारे हिंदू सनातन उदासीन संप्रदाय के तपस्वी ऋषि मुनि संत महंत जो पूर्व में ब्रह्मलीन हो चुके हैं पितृपक्ष में हम उनको जल तर्पण करते हैं&period; पितरों की पूजा अरदास करते हैं और कामना करते हैं कि अपने शिष्य संत महंत भक्तगण पर अपनी असीम अनुकंपा बनाए रखें&period;<&sol;p>&NewLine;

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