तीन दिवसीय बिहार फोटो वीडियो एक्सपो के पहले दिन ‘जीरो बजट फ़िल्म मेकिंग’ पर ख़ास चर्चा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; रॉबीन राज।<&sol;strong> शुक्रवार को राजधानी पटना के गांधी मैदान स्थित ज्ञान भवन में तिवारी ट्रेडर्स और बिहार फोटोग्राफर एसोसिएशन द्वारा तीन दिवसीय बिहार फोटो वीडियो एक्सपो का उद्घाटन हुआ। एक्सपो में बिहार समेत अन्य राज्य से लोगों ने भी हिस्सा लिया। जिसमे फोटोग्राफर्स को फोटो व्यवसाय से संबंधित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय उत्पादों और एसेसरीज की जानकारी दी गई। एक्सपो में कैमरा एसेसरीज से जुड़ी सैकड़ों कंपनियां ने हिस्सा ली और अपने प्रोडक्ट के बारे में विस्तार पुर्वक बताया। इस फोटो एक्सपो में कंपनियों ने अपने-अपने स्टॉल पर मॉडल बैठा रखे हैं। जहां फोटोग्राफर्स को डिफरेंट लेंस से फोटो क्लिक करने का मौका दिया जा रहा है। वहीं वर्कशॉप में एडिटिंग के बेसिक सॉफ्टवेयर की जानकारी दी गई साथ ही मोबाइल एप्लीकेशन से एडिटिंग के बारे में भी बताया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2024&sol;10&sol;img-20241018-wa00207438053631738273313-840x472&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-64219"><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रशांत रंजन ने एक्सपो में त्रिनेत्र सिनेमेटिक्स द्वारा &&num;8220&semi;जीरो बजट फ़िल्म मेकिंग&&num;8221&semi; पर अपनी बात रखते हुए बताया कि कैसे कम बजट में एक प्रभावशाली और आकर्षक फिल्म बनाई जा सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कहानी और निर्देशन का महत्व सबसे ज्यादा होता है&comma; क्योंकि कम पैसे होने के बावजूद&comma; अगर कहानी दिलचस्प हो और तकनीकी दृष्टि से सही तरीके से फिल्माई जाए&comma; तो उसे दर्शकों का प्यार मिल सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं प्रशांत रवि ने छात्रों को यह समझाया कि फिल्म निर्माण में खासतौर पर कैमरा और लाइटिंग का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। कैमरे के सही एंगल&comma; लाइटिंग के उपयोग और सही शॉट्स की योजना से बिना बड़े बजट के भी बेहतरीन फिल्म तैयार की जा सकती है। उन्होंने बताया कि बेहतर लाइटिंग से दृश्य का माहौल और भावनाएं दर्शकों तक सही तरीके से पहुँचाई जा सकती हैं&comma; जिससे फिल्म और भी प्रभावशाली बन जाती है। इसके अलावा&comma; उन्होंने यह भी कहा कि जीरो बजट फिल्म बनाने में चुनौती यह है कि सीमित संसाधनों के बावजूद हर पहलू को संतुलित रखना पड़ता है&comma; जैसे कि कलाकार&comma; लोकेशन&comma; कास्टिंग&comma; और स्क्रिप्ट&comma; ताकि फिल्म देखने लायक हो सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शाम होते ही पटना वासियों को फैशन से रु-बरु करने के लिए एक खास फैशन शो पटना रन्वे&nbsp&semi;वीक में रंग-बिरंगी रोशनी के बीच मॉडल्स ने रैंप वॉक करना शुरू किया। सभी मॉडल्स ने बेहद ही खूबसूरत अंदाज में एक से बढ़कर एक गेटअप के साथ वॉक किया जिसे दर्शक देख जमकर तालियां बजाई।<&sol;p>&NewLine;

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