जिले में कालाजार मरीजों की खोज को संचालित होगा विशेष अभियान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> जिले में कालाजार मरीजों की खोज के लिये विशेष अभियान संचालित किया जायेगा। जुलाई माह के पहले सप्ताह से संचालित इस अभियान की सफलता को लेकर सभी जरूरी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अभियान के क्रम में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर संभावित कालाजार मरीजों की खोज करेंगी। उन्हें जरूरी जांच व इलाज के लिये प्रेरित किया जायेगा। कार्यक्रम की सफलता के लिये अभियान से पूर्व ही लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान का संचालन किया जायेगा।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सिकटी को छोड़ शेष आठ प्रखंड के 85 गांव चिह्नित-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>कालाजार रोगी खोज अभियान के तहत जिले के आठ प्रखंडों के कुल 85 राजस्व गांव चिह्नित किये गये हैं। अभियान के क्रम में चिह्नित गांवों में कुल 21 हजार 700 घरों का सर्वे किया जायेगा। इस कार्य में कुल 116 आशा कार्यकर्ता व 56 आशा फैसिलिटेटर को शामिल किया गया है। अभियान की जानकारी देते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि हाल के वर्षों में जिले में कालाजार के मामलों में कमी आयी है। जिले में कालाजार के मामलों को पूरी तरह खत्म करना विभागगीय लक्ष्य में शामिल है। इसकी प्राप्ति को लेकर हर स्तर पर जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मरीजों को मिलती है आर्थिक सहायता-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>कालाजार मरीजों को केंद्र व राज्य सरकार के स्तर से जरूरी आर्थिक मदद उपलब्ध करायी जाती है। डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि वीएल मरीजों को राज्य सरकार के स्तर से 6600 व केंद्र सरकार के स्तर से 500 रुपये कुल 7100 रूपये श्रम क्षतिपूर्ति राशि के रूप में आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का प्रावधान है। वहीं पीकेडीएल मरीजों को केंद्र सरकार के स्तर से 4000 रुपये उपलब्ध कराने का प्रावधान है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कम हुए हैं जिले में कालाजार के मामले-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>जिले में कालाजार के मामले निरंतर कम हो रहे हैं। वर्ष 2019 में जहां जिले में वीएल के 85 व पीकेडीएल के 23 मामले सामने आये थे। वहीं वर्ष 2020 में वीएल के 77 व पीकेडीएल के 21 मामले सामने आये। वर्ष 2021 में वीएल के 24 व पीकेडीएल के महज 05 मामले सामने आये। इसी तरह वर्ष 2022 में वीएल के 18 व पीकेडीएल के कुल महज पांच मामले जिले में सामने आये। डीवीबीडीसीओ ने बताया कि कालाजार उन्मूलन को लेकर जिले का प्रयास अब तक सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जिला कालाजार मुक्त जिलों की सूची में शामिल होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जांच व इलाज का है नि&colon;शुल्क इंतजाम-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि पहले की तुलना में कालाजार रोगियों की जांच व इलाज बहुत आसान हो चुका है। जिले के सभी महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थानों में रोग की जांच व इलाज की सुविधा उपलब्ध है। आरके 39 किट के माध्यम से कालाजार के मामलों का आसानी से पता लगाया जा सकता है। वहीं उपचार के लिये बेहद उपयोगी व कारगर दवा उपलब्ध है।<&sol;p>&NewLine;

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