एम्स पटना में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति के प्रबंधन पर छह दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> एम्स पटना ने अस्पताल प्रशासकों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के प्रबंधन पर छह दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न किया&period; इसमें ओडिशा&comma; पश्चिम बंगाल&comma; झारखंड और बिहार जैसे विभिन्न राज्यों के 48 पेशेवर शामिल थे&comma; जो चिकित्सा अधिकारियों&comma; स्वास्थ्य प्रबंधकों&comma; प्रशासकों और अधीक्षकों जैसे संवर्गों के प्रतिनिधी शामिल रहे&period;यह क्षमता निर्माण पहल स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र योजना&comma; स्वास्थ्य क्षेत्र आपदा तैयारी कार्यक्रम के तहत होपिटल प्रशासन विभाग&comma; एम्स पटना द्वारा आयोजित की गई थी&comma; जो कि रोगी की सुरक्षा और देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक अखिल भारतीय प्रयास के हिस्से के रूप में थी&period;कार्यक्रम का उद्घाटन प्रोफेसर &lpar;डॉ&period;&rpar; सौरभ वार्ष्णेय&comma; कार्यकारी निदेशक&comma; एम्स पटना ने प्रोफेसर &lpar;डॉ&period;&rpar; निरुपम मदान और अन्य सम्मानित संकाय सदस्यों की उपस्थिति में किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के दौरान देखभाल के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए रोगियों की संख्या में वृद्धि को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए स्वास्थ्य देखभाल प्रशासकों और डॉक्टरों की क्षमता को बढ़ाना है&period;यह इस वित्तीय वर्ष में एम्स पटना में आयोजित तीसरा सत्र है और चौथा सत्र मार्च 2025 में आयोजित किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; सौरभ वार्ष्णेय&comma; कार्यकारी निदेशक&comma; ने इस बात पर जोर दिया कि केदारनाथ आपदा के बाद शुरू की गई और कोविड-19 महामारी के बाद मजबूत की गई यह पहल&comma; भविष्य के संकटों से निपटने के लिए अस्पताल प्रशासकों को सक्षम बनाने में कारगर होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम को विशेषज्ञों के एक प्रतिष्ठित पैनल द्वारा संचालित किया गया&comma; जिनमें प्रोफेसर &lpar;डॉ&period;&rpar; निरुपम मदान&comma; अस्पताल प्रशासन के प्रोफेसर और चिकित्सा अधीक्षक&comma; एम्स दिल्ली&comma; डॉ&period; पंकज अरोड़ा&comma; अतिरिक्त प्रोफेसर और संयुक्त एमएस&comma; अस्पताल प्रशासन विभाग&comma; पीजीआईएमईआर&comma; चंडीगढ़&comma; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; अनिल कुमार&comma; प्रोफेसर एवं प्रमुख&comma; ट्रॉमा&comma; सर्जरी एवं क्रिटिकल केयर विभाग&comma; एम्स पटना &comma; डॉ दिवेन्दु भूषण&comma; एसोसिएट प्रोफेसर और प्रमुख&comma; आपातकालीन चिकित्सा विभाग&comma; एम्स पटना डॉ&period; पंकज कुमार&comma; अतिरिक्त प्रोफेसर एवं प्रमुख&comma; मनोचिकित्सा विभाग&comma; एम्स पटना डॉ&period; सुजीत कुमार सिन्हा&comma; एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रमुख&comma; अस्पताल प्रशासन विभाग&comma; एम्स पटना डॉ&period; महेंद्र एम&comma; सहायक प्रोफेसर&comma; सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग&comma; एम्स पटना डॉ&period; रामकृष्ण मंडल&comma; सहायक प्रोफेसर&comma; अस्पताल प्रशासन विभाग&comma; एम्स पटना शामिल थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समन्वयक और अस्पताल प्रशासन के प्रमुख डॉ&period; सुजीत कुमार सिन्हा ने आपात स्थिति के दौरान प्रभावी अस्पताल प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार करने में इस प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।<&sol;p>&NewLine;

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