शीर चाय से रोजेदारों को मिलता है सकून

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत।<&sol;strong> रमजान का मुबारक माह आए और शीर चाय की बात न हो तो शीर चाय के साथ नाइंसाफी होगी&period;शीर चाय के बारे में रोजेदारों की राय है की शीर चाय पीने से रोजेदारों को यकीनन दिल में सकुन और दिमाग को चैन मिलता है&period; फुलवारी शरीफ में मस्जिद चौराहा खानकाह मोड़ गुलिस्तां मुहल्ला इसापुर नया टोला क़र्बला इलाके में यहां इफतार रोजा खोलते ही नमाज पढ़ने के बाद लोग शीर चाय की दुकान पर पहुंचने लगते है&period; देखते देखते काफी भीड़ उमड़ पड़ती है&period; चाय पीने वालों में बुजुर्ग&comma; बच्चे&comma; महिलाए भी शामिल रहती है&period;मस्जिद चौराहा स्थित शाहनवाज और बाबा मुराद बताते हैं की शीर चाय पीने वाले शीर चाय पीता ही नहीं बल्कि अपने परिवार के लिए भी ले जाते हैं&period;शीर चाय पीने में मजा ही अलग है&period; सय्य्द अहमद शरीफ कपड़ा कारोबारी हैं वे बताते हैं शीर चाय पीने से दिल को राहत मिलती है&period; रोजा खोलने के बाद रमजान के माह में शीर चाय का मजा ही अलग होता है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जानिए कैसे तैयार होता है शीर चाय-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शीर चाय की तैयारी के लिए 12 घंटे पहले दुध&comma; पत्ती&comma; अखरोट&comma; पीस्ता&comma; बादाम&comma; जाफरान&comma; जैफल समेत अन्य चीजों को पहले खौला कर रखा जाता है&period; दिन भर हलके आंच में खौलाया जाता है और शाम होते होते गाढ़ा और गुलाबी रंग आ जाता है&period; इसके बाद देर शाम से ग्राहकों के बीच परोसा जाता है&period; बिक्री के समय हर वक्त यह आग पर खौलते रहती है।<&sol;p>&NewLine;

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