बीआईटी पटना में मशीन शिक्षण और साइबर-भौतिक प्रणाली पर सात दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम सम्पन्न

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान पटना परिसर में 5 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक &OpenCurlyDoubleQuote;सतत उद्यमिता हेतु मशीन शिक्षण और साइबर-भौतिक प्रणाली में नवाचार” विषय पर सात दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी अकादमी के प्रायोजन तथा भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान&comma; पटना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संकाय सदस्यों&comma; शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों की तकनीकी और शोध क्षमताओं को मशीन शिक्षण&comma; कृत्रिम बुद्धिमत्ता&comma; साइबर-भौतिक प्रणाली&comma; वस्तुओं के अंतरजाल&comma; स्मार्ट स्वचालन और सतत प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमिता जैसे उभरते क्षेत्रों में सुदृढ़ करना था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान&comma; तकनीकी सत्र&comma; प्रकरण अध्ययन&comma; संवादात्मक चर्चाएँ और व्यावहारिक विचार-विमर्श आयोजित किए गए&comma; जिनमें नवीन तकनीकी प्रगति और उनके व्यावसायिक एवं सामाजिक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया&period;<br>इस कार्यक्रम में डॉ&period; राजीव मिश्रा &lpar;राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान&comma; पटना&rpar;&comma; डॉ&period; आर&period; एस&period; पांडे &lpar;बी आई टी&comma; पटना&rpar;&comma; डॉ&period; सामंत सौरव &lpar;भारतीय प्रबंधन संस्थान&comma; गया&rpar; और डॉ&period; अयान मंडल &lpar;राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान&comma; इंदौर&rpar; ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में अपने बहुमूल्य विचार साझा किए&period; देशभर के विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को संवादात्मक और ज्ञानवर्धक बनाया&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उद्घाटन सत्र में डॉ&period; एम&period; पी&period; सिंह &lpar;राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान&comma; पटना&rpar; और डॉ&period; डी&period; के&period; मलिक &lpar;बी आईं टी&comma; पटना&rpar; ने अंतर-विषयक शिक्षा&comma; नवाचार और तकनीकी उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला। समापन सत्र में प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; नितिन कुमार पुरी &lpar;राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान&rpar; ने कार्यक्रम की समीक्षा की और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित कर धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।<&sol;p>&NewLine;

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