स्कूल्स 2030 नेशनल शोकेस 2026: फुलवारी शरीफ समेत कई प्रखंडों के शिक्षक जुटे

&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> पटना जिले के फुलवारी शरीफ&comma; दानापुर&comma; पटना सदर और विक्रम प्रखंड के विभिन्न सरकारी विद्यालयों के शिक्षक बुधवार को अनीसाबाद स्थित एक होटल में आयोजित स्कूल्स 2030  नेशनल शोकेस 2026 में एकत्रित हुए&comma; जहाँ आगा खान फाउंडेशन &lpar;इंडिया&rpar; द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित नवाचारों और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को इस बात के लिए सशक्त बनाना था कि वे बच्चों को केवल पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान ही नहीं&comma; बल्कि उनके मानसिक&comma; बौद्धिक और सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए शिक्षण कार्य करें&period; विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पढ़ाने की पद्धति अपनाकर बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार लाया जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल्स 2030  की नेशनल कोऑर्डिनेटर त्रिशाला सिंह के स्वागत संबोधन से हुई&period; इसके बाद ग्लोबल लीड डॉ&period; ब्रोनवेन मैकग्राथ ने स्कूल्स 2030  की वैश्विक पहल और भारत में इसके प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक यदि नवाचार को अपनाते हैं&comma; तो शिक्षा व्यवस्था में जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव संभव है। मुख्य अतिथि के रूप में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार &lpar;आईएएस&rpar; ने कहा कि शिक्षकों द्वारा विकसित नवाचारों को व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए नीतिगत समर्थन और प्रशासनिक सहयोग अत्यंत जरूरी है&period; उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को शिक्षा सुधार की धुरी बताया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण &OpenCurlyDoubleQuote;इनोवेशन जर्नी शेयर-आउट” रहा&comma; जिसमें शिक्षकों और आंगनवाड़ी सेविकाओं ने अपने नवाचारों को इंटरएक्टिव गैलरी के माध्यम से प्रस्तुत किया&period; इसमें यह दिखाया गया कि किस तरह शिक्षक कक्षा में बच्चों की जरूरतों के अनुसार नए-नए तरीके अपनाकर पढ़ाई को सरल और प्रभावी बना रहे हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दो थीमैटिक सत्र भी आयोजित किए गए&period; एकलव्य फाउंडेशन द्वारा संचालित सत्र में प्रारूपिक आकलन को मजबूत करने पर चर्चा हुई&comma; जबकि साइटसेवर्स इंडिया के सत्र में समावेशी शिक्षा और विशेष जरूरत वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के उपाय बताए गए। कार्यक्रम में फुलवारी शरीफ के विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया&period; बच्चों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन और सहयोग मिलने पर उनमें आत्मविश्वास और रचनात्मकता का बेहतर विकास होता है। समापन सत्र में कार्यक्रम समन्वयकों राजलक्ष्मी कुमारी और अभय झा ने प्रमुख बिंदुओं को साझा करते हुए कहा कि शिक्षक-नेतृत्व वाले नवाचारों को आगे बढ़ाना ही शिक्षा के वास्तविक सुधार की कुंजी है&period; वहीं&comma; आगा खान फाउंडेशन &lpar;इंडिया&rpar; के स्टेट प्रोग्राम मैनेजर रफे एजाज हुसैन ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कहा कि स्कूल्स 2030  के माध्यम से शिक्षकों को परिवर्तनकारी नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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