डॉक्टरेट की उपाधि मिलने पर स्कूल के निदेशक शशि भूषण कुमार का स्कूल में किया गया अभिनन्दन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हाजीपुर&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; 24 अप्रैल 2024 को नई दिल्ली स्थित एक शानदार समारोह में साऊथ वेस्टर्न अमेरिकन यूनिवर्सिटी द्वारा ह्यूमन राइट्स के क्षेत्र में मानवाधिकार पत्रकारिता के संवाहक देश-दुनिया में चर्चित मानवाधिकार टुडे के संपादक एवं टैगोर किड्स &amp&semi; हाई स्कूल के निदेशक शशि भूषण कुमार को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित हो कर हाजीपुर लौटने पर टैगोर स्कूल में अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया। स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उन्हें पुष्पा और गुलदस्ता दे कर स्वागत किया एवं स्कूल के अभिभावक निदेशक के इस अचीभमेंट पर ख़ुशी व्यक्त करते हुये मिठाईया भी बाटी गई। बच्चों ने अपने निदेशक महोदय को गुलाब का फूल भेंट कर स्कूल पहुंचने पर वेलकम किया।<br>यह सम्मान प्राप्त होते ही चारो और से इन्हें सैकड़ो बधाइयाँ मिल रही है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;05&sol;img-20250527-wa00146477809957488414526-600x338&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-71084" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ज्ञातव्य है कि शशि भूषण कुमार जी इससे पहले भी कई अंतराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय सम्मानों के साथ -साथ हिंदी भाषा&sol;साहित्य एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में डॉक्टरेट की मानद उपाधिद विद्यावाचूस्पति सम्मान से विभूति हो चुके है। मानवाधिकार पत्रकारिता के अंतराष्ट्रीय संवाहक शशि भूषण कुमार जी मानवाधिकार संरक्षण एवं शिक्षा के जागरूकता के क्षेत्र में विगत 20 वर्षों से भी अधिक समय से कार्यरत हैं। आप वर्ष 2013 से मानवाधिकार जागरण की संवेदनशील पत्रिका &&num;8216&semi;मानवाधिकार टुडे&&num;8217&semi; &lpar;राष्ट्रीय त्रैमासिक हिन्दी पत्रिका&rpar; के कार्यकारी संपादक हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस पत्रिका के माध्यम से लेखक ने मानवाधिकार या शिक्षा के अधिक के हनन के विभिन्न मामलों को अपनी लेखनी के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों &comma;राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोगों तक पहुंचाने का भरसक प्रयास किया हैं। इस पत्रिका के प्रकाशन प्रारम्भ से पूर्व भी लेखक &&num;8216&semi;मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान&&num;8217&semi; के माध्यम से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगरनाथ मिश्रा के निर्देशन एवं दर्शनशास्त्र के प्रतिष्ठित एकलव्य विद्वान प्रो0 श्यामनारायण चौधरी के मार्गदर्शन में 8 वर्षों तक मानवाधिकार हनन के मामलों सरकार एवं प्रशासन तक पहुंचाने एवं उसके निदान में सक्रिय भूमिका रही हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>लेखक ने अपनी पत्रकारिता का के सफर की शुरुआत वर्ष 2005 से की और शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2001 से। सर्वप्रथम 2001 में उन्होंने गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर साहब की प्रेरणा से टैगोर किड्स &amp&semi; हाई स्कूल की स्थापना किया और लगभग 24 वर्षो से शिक्षा और शिक्षा के जगत में अलख जगा रहें है। पत्रकारिता और मानवाधिकार के मुद्दों पर सर्वप्रथम मासिक समाचार पत्रिका &&num;8216&semi;चौथा स्तंभ&&num;8217&semi; उसके बाद बिहार के पत्रकारिता में जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार विकास कुमार झा के संपादन में प्रकाशित मासिक पत्रिका &&num;8216&semi;राष्ट्रीय प्रसंग&&num;8217&semi; में वर्षों तक लिखते रहे हैं। दर्जनों पत्र-पत्रिकाओं में खबर-आलेख प्रकाशित होते रहे हैं। इनके संपादन में &&num;8216&semi;माँ की हर बात निराली हैं&&num;8217&semi; एवं &&num;8216&semi;मानवाधिकार जागरण&&num;8217&semi; नाम की पुस्तिका प्रकाशित हो चुकी हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रकाशनाधीन पुस्तकें मानवाधिकार&colon; एक परिचय&comma; अहिंसा एवं मानवाधिकार&comma; मानवाधिकार की पत्रकारिता एवं संपादन में मानवाधिकार क्या हैं&colon;एक दृष्टि प्रकशित हो चुकी है। अंतराष्ट्रीय सम्मान ईजीएसआई संस्था द्वारा काठमांडू में नेपाल के महामहिम उपराष्ट्रपति के हाथों &&num;8216&semi;गोल्ड स्टार एशिया इंटरनेशनल अवार्ड&&num;8217&semi;-2015 &comma; बैंकॉक में थाईलैंड के उपप्रधानमंत्री के हाथों &&num;8216&semi;ग्लोबल अचीवर्स इंटरनेशनल अवार्ड&&num;8217&semi;-2016&comma;रामधारी सिंह &&num;8216&semi;दिनकर&&num;8217&semi; सम्मान &comma;विद्यावाचस्पति सम्मान&lpar;थावे विद्यापीठ&rpar;&comma; सरस्वती सम्मान-2017&lpar;एलिट&comma;पटना&rpar;कोरोना योद्धा सम्मान&comma; सीता राम फाउंडेशन थाने मुम्बई द्वारा आदर्श पत्रकारिता सम्मान&comma;गोवा के राजभवन में महामहिम राज्यपाल मृदुला सिन्हा जी के हाथों सम्मान सारण हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा सम्मान अन्य सम्मान-बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन &comma; पटना में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भी सम्मानित। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>साथ ही<br>मानवाधिकार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए कई राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है। &&num;8216&semi;सशक्त नारी &comma; सशक्त भारत&&num;8217&semi; नामक पुस्तक का इन्होने संपादन भी किया। इनकी मानवाधिकार पर लिखी पुस्तक &&num;8216&semi;मानवाधिकार एक दृष्टि&&num;8217&semi; प्रकाशित हो चुकी है।इसके आलावा अंतराष्ट्रीय स्तर पर लगभग दर्जनों सेमिनार में अतिथि स्वरुप बिहार और भारत का प्रतिनिधित्व एवं तीन बार वैशाली में मानवाधिकार के कई विषयों पर अंतराष्ट्रीय महाधिवेशन लोकतंत्र की धरती वैशाली में आयोजन करवा चुके है।<&sol;p>&NewLine;

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