सत्याम इंटरनेशनल स्कूल की मान्यता रद्द, 291 छात्रों का प्रमेलोक मिशन स्कूल में होगा नामांकन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित<&sol;strong>। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पटना के गौरीचक स्थित सत्याम इंटरनेशनल स्कूल &lpar;कोड 65190 &sol; 330194&rpar; की मान्यता रद्द कर दी है और इसके कारण कक्षा 10 और 12 के कुल 291 छात्रों को प्रमेलोक मिशन स्कूल&comma; माँ शारदा पुरम&comma; बैरिया&comma; पटना-गया रोड&comma; पटना &lpar;कोड 65077&rpar; में स्थानांतरित कर दिया गया है&period; सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय पटना द्वारा 30 अप्रैल 2025 को जारी पत्र के अनुसार यह कदम छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है&period;सीबीएसई ने सत्याम इंटरनेशनल स्कूल की संबद्धता समाप्त करने के बाद&comma; प्रमेलोक मिशन स्कूल को निर्देश दिया है कि वह कक्षा 10 के 141 और कक्षा 12 के 150 छात्रों का नामांकन SSE&sol;SSCE – 2026 सत्र के लिए सुनिश्चित करें&period; बोर्ड ने यह भी कहा है कि इन छात्रों को नियमित छात्र की तरह ही उपस्थिति और शिक्षण व्यवस्था दी जाए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सीबीएसई ने प्रमेलोक मिशन स्कूल को निर्देश दिया है कि वह इन छात्रों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ&comma; प्रयोगशालाएँ&comma; शिक्षक आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो&period; साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सत्याम इंटरनेशनल स्कूल को छात्रों की टीसी &lpar;स्थानांतरण प्रमाणपत्र&rpar; जारी कर प्रमेलोक मिशन स्कूल में नामांकन की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करना होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस पूरी प्रक्रिया को लेकर कुछ छात्रों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है&period;कई अभिभावकों का कहना है कि उन्हें अभी तक स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया गया है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया कब और कैसे होगी&period;वहीं कुछ छात्रों को चिंता है कि नए स्कूल में उन्हें विषय&comma; शिक्षक या माहौल में बदलाव के कारण कठिनाई हो सकती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हालांकि प्रमेलोक मिशन स्कूल प्रशासन की ओर से कहा गया है कि वह CBSE के निर्देशों का पूर्ण पालन करेगा और छात्रों को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी&period;नामांकन प्रक्रिया जल्द ही प्रारंभ की जाएगी और सभी छात्रों को समुचित मार्गदर्शन और सहायता दी जाएगी। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि यह कदम छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है ताकि SSE&sol;SSCE 2026 की पढ़ाई बाधित न हो।<&sol;p>&NewLine;

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