सदर अस्पताल बना डीएनबी कोर्स की मान्यता प्राप्त करने वाला उत्तर-पूर्व बिहार का पहला जिला अस्पताल

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> &colon; सदर अस्पताल अररिया नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज यानी एनबीईएमएस से बाल रोग विभाग में प्रति वर्ष तीन सीटों के लिये पोस्ट-एमबीबीएस डिप्लोमा यानी डीएनबी कोर्स की मान्यता प्राप्त करने वाला उत्तर-पूर्व बिहार का पहला जिला अस्पताल बन गया है। बुधवार को डीएनबी प्रबंधन से जुड़े राज्य स्तरीय अधिकारी प्रभाकर सिन्हा व नीलाभ राज सदर अस्पताल पहुंचे। राज्य उन्होंने डीएनबी कोर्स से जुड़ा इकरारनामा सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप को सौंपा। मौके पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सह पीडियाट्रिक विभाग के एचओडी डॉ मोइज&comma; सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ आकाश कुमार राय&comma; डीपीएम संतोष कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अस्पताल को पांच वर्षों के लिये मिली है डीएनबी की मान्यता<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीएनबी के राज्य स्तरीय अधिकारी प्रभाकर सिन्हा ने बताया कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज एनबीईएमएस से शिशु रोग संकाय में पोस्ट-एमबीबीएस डिप्लोमा यानी डीएनबी कोर्स के तीन सीटों के लिये सदर अस्पताल अररिया को मान्यता प्राप्त हुई है। इसमें आधी सीट बिहार के एमबीबीएस छात्रों के लिये व आधी सीट नेशनल कोटा के एमबीबीएस छात्रों के लिये आरक्षित होगा। ऐसे में कभी बिहार के बच्चों को दो तो कभी एक सीट पर शिशु रोग संकाय में पोस्ट एमबीबीएस डिप्लोमा यानी डीएनबी कोर्स करने का अवसर प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल अररिया को एनबीईएमएस से पांच वर्ष जनवरी 2025 से दिसंबर 2029&nbsp&semi;&nbsp&semi;डीएनबी कोर्स की मान्यता मिली है। डीएनबी कोर्स में प्रशिक्षुओं का चयन नीट-पीजी परीक्षा के माध्यम से होने की जानकारी उन्होंने दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सामूहिक प्रयास व टीम वर्क से मिली महत्वपूर्ण उपलब्धि<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने कहा कि सदर अस्पताल को डीएनबी कोर्स की मान्यता मिलना जिला स्वास्थ्य विभाग ही नहीं तमाम जिलावासियों के लिये गर्व की बात है। अब यहां तीन विशेषज्ञ फैकल्टी के निर्देशन में तीन प्रशिक्षु गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण हासिल करेंगे। इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार होगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिये सदर अस्पताल की पूरी टीम बधाई के पात्र हैं। सामूहिक प्रयास व टीम वर्क के कारण सदर अस्पताल को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त होने की बात उन्होंने कही।<&sol;p>&NewLine;

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