ठंड के मौसम में बच्चों में बढ़ जाता है निमोनिया का खतरा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर। <&sol;mark><&sol;strong>निमोनिया शिशु मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। ठंड के मौसम में कम उम्र के बच्चों को निमोनिया का खतरा अधिक होता है। स्वास्थ्य विभाग बच्चों को निमोनिया के खतरों से बचाने के प्रयासों में जुटा है। इसे लेकर सामुदायिक स्तर पर जहां लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। वहीं निमोनिया बचाव को लेकर पीसीवी टीकाकरण सुनिश्चित कराने की दिशा में विभागीय स्तर से जरूरी प्रयास किए जा रहे है। ताकि निमोनिया के कारण होने वाले बच्चों को मौत पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>नियमित स्तनपान व व्यक्तिगत स्वच्छता का रखें ध्यान<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नियमित स्तनपान निमोनिया से बचाव में सहायक<br &sol;>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि ठंड के मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। निमोनिया से बचाव में व्यक्तिगत स्तर पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। बच्चों को प्रदूषित स्थानों से दूर रखना चाहिए। वहीं बच्चों के पास खांसी या छींक आने पर नाक व मुंह को ढक कर रखना चाहिए। बच्चों का नियमित स्तनपान निमोनिया से बचा में अधिक प्रभावी होता है। स्तनपान के लिए खास कर कंगारू मदर केयर तकनीक का उपयोग महत्वपूर्ण है। इसके अलावा बच्चों को पौष्टिक आहार का सेवन व पूर्ण टीकाकरण की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>टीकाकरण निमोनिया से बचाव में प्रभावी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>निमोनिया से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी<br &sol;>जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने बताया कि निमोनिया बच्चों में होने वाले सांस से जुड़ी बीमारी है। निमोनिया को टीकाकरण के माध्यम से रोका जा सकता है। इसके लिए बच्चों को पीसीवी का टीका 6 सप्ताह&comma; 14 सप्ताह व 9 वें महीने पर लगाना होता है। पीसीवी टीका को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला अस्पतालों में बच्चों को दी जाने वाली आवश्यक टीकाकरण की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। पीसीवी का टीका बच्चों को निमोनिया से बचाने में बेहद असरदार है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>इन लक्षणों से निमोनिया की करें पहचान&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>-तेज बुखार होना<br>-खांसी के साथ हरा या भूरा गाढ़ा बलगम आना<br>-सांस लेने में दिक्कत होना<br>-दांत किटकिटाना<br>-दिल की धड़कन बढ़ना<br>-सांस की रफ्तार अधिक होना<br>-उलटी होना<br>-दस्त आना<br>-भूख की कमी<br>-होंठों का नीला पड़ना<br>-कमजोरी या बेहोशी छाना<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

होलिका दहन व होली को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित

संपूर्णता अभियान के तहत विज्ञान दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम

आर्केस्ट्रा के दौरान हुई हर्ष फायरिंग, गोली के बारूद बके छींटे से नेपाल की डांसर हुई घायल, पुलिस ने तीन को हिरासत में लिया