सिविल सर्जन की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> अररिया जिले में संचालित महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों में सुधार को लेकर जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा को लेकर सिविल सर्जन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक आयोजित की गयी। इसमें एसीएमओ डॉ राजेश कुमार&comma; वीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह&comma; डीआईओ डॉ मोईज&comma; डीपीएम रेहान अशरफ&comma; डीएमएनई पंकज कुमार झा सहित सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों ने भाग लिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम को बनाएं बेहतर<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में मातृत्व-शिशु सुरक्षा से संबंधित कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर विचार किया गया। सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने कहा कि बीते कुछ माह के दौरान एएनसी जांच और प्रसव संबंधी जटिल मामलों को चिह्नित करने की प्रक्रिया में तेजी आयी है। बावजूद कुछ प्रखंडों में इसमें अपेक्षित सुधार का प्रयास जरूरी है। हर माह इसमें 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का लक्ष्य निर्धारित है। इस मामले में 70 प्रतिशत से कम उपलब्धि वाले प्रखंड भरगामा&comma; कुर्साकांटा व पलासी पीएचसी के एमओआईसी को इसे लेकर जरूरी निर्देश दिये गये। प्रथम तिमाही के दौरान गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण&comma; प्रसव काल के दौरान चार या इससे अधिक बार एएनसी व हेमोग्लोबिन की जांच के साथ-साथ संस्थागत प्रसव में बढ़ोतरी व जन्म के उपरांत 2&period;5 किलो से कम वजन वाले नवजात को चिह्नित कर उनका समुचित उपचार तथा डायरिया प्रबंधन को लेकर प्रभावी कदम उठाने का निर्देश उन्होंने दिया। एएनसी जांच मामले में शत प्रतिशत उपलब्धि को लेकर अधिकारियों को निरंतर क्षेत्र भ्रमण करते हुए संबंधित क्षेत्र की आशा&comma; आंगनाबड़ी कार्यकर्ता व एएनएम को खास तौर पर इसके लिेय प्रेरित करने का निर्देश उन्होंने दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>वंचितों को प्रथम डोज व बूस्टर डोज के टीकाकरण में लायें तेजी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कोविड टीकाकरण से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए सिविल सर्जन ने कहा कि विशेष अभियान को छोड़ कर टीकाकरण मामले में हमारी उपलब्धि बीते कुछ माह से बेहद निराशाजनक है। खास कर 60 से अधिक आयु वर्ग के लाभुकों को बूस्टर डोज के टीकाकरण&comma; 12 से 14 साल आयु वर्ग के लाभुकों को प्रथम डोज के टीकाकरण से संबंधित उपलब्धियों में सुधार का उन्होंने निर्देश दिया। इस मामले में कम उपलब्धि वाले प्रखंड नरपतगंज&comma; जोकीहाट&comma; पलासी&comma; फारबिसगंज व रानीगंज में इसे लेकर विशेष मुहिम संचालित करने का निर्देश उन्होंने दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ उठायें सख्त कदम<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर हर बुधवार व गुरुवार को स्वास्थ्य इकाईयों का अनुश्रवण किया जा रहा है। इसलिये अस्पताल में सफाई व्यवस्था में सुधार&comma; नियमित रूप से ओपीडी व आपातकालीन सेवाओं का संचालन&comma; निर्धारित रोस्टर के मुताबिक कर्मियों की सेवा सुनिश्चित कराने के साथ-साथ अपने कर्तव्य व जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित कराने का निर्देश उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया। मौके पर एमओआईसी अररिया डॉ जावेद&comma; पीएचसी प्रभारी फारबिसगंज डॉ आशुतोष कुमार&comma; एमओआईसी रानीगंज डॉ संजय कुमार&comma; डॉ जमील&comma; एमओआईसी भरगामा डॉ रूपेश कुमार&comma; डॉ शैलेंद्र यादव&comma; डॉ जहांगीर आलम&comma; डॉ एम अजमत राना&comma; डॉ रूपेश कुमार सहित अन्य चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

पटना सिटी में मुख्यमंत्री ने मंदिरों में टेका मत्था, बिहार की समृद्धि के लिए की प्रार्थना

हीट स्ट्रोक पर एम्स पटना के शोधकर्ताओं का बड़ा वैज्ञानिक खुलासा

रफ्तार पकड़ता बिहार: पटना में टेक्नोलॉजी सेंटर का हुआ भव्य उद्घाटन