कायाकल्प कार्यक्रम -स्वास्थ्य संस्थानों की बेहतरी को लेकर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों की बेहतरी को लेकर कायाकल्प कार्यक्रम का संचालन किया जाता है। ताकि स्वास्थ्य संस्थाओं में नियमित रूप से सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित कर विभिन्न प्रकार के संक्रमण को रोका जा सके। जिसके लिए जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल परिसर स्थित पारा मेडिकल एकेडमिक भवन के सभागार में किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला सलाहकार&comma; गुणवत्ता यक़ीन पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार शर्मा&comma; जिला कार्यक्रम समन्वयक सुधांशु शेखर&comma; यूनिसेफ के शिव शेखर आनंद&comma; केयर इंडिया के डॉ सनोज कुमार यादव एवं संध्या सहित जिले की स्टाफ़ नर्स&comma; सीएचओ एवं एएनएम सहित कई अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्वास्थ्य संस्थाओं में पहले से बेहतर सफ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर की गई चर्चा&colon; सिविल सर्जन<br>सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि वित्तीय मार्गदर्शिका 2022-23 के आलोक में कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तर पर सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला स्तर पर जिले के सभी एमओआईसी&comma; अस्पताल प्रबंधक&comma; बीएचएम&comma; स्टाफ़ नर्स एवं एएनएम के बीच जागरूकता को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। ताकि संबंधित स्वास्थ्य संस्थाओं में पहले से बेहतर सफ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस कार्यशाला के दौरान अस्पताल में आने वाले मरीज एवं उनके परिजन या अभिभावकों की सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधारात्मक कार्य से संबंधित विषयों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई है। क्योंकि मरीजों को उचित प्रबंधन के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए सरकार द्वारा लाई गई कायाकल्प योजना से न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा सुदृढ़ होती है&comma; बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों की तस्वीर में पूर्व की भांति सकारात्मक बदलाव भी होता है। जिस कारण मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में समुचित व्यवस्था के साथ लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत सभी प्रकार के मानकों को शत प्रतिशत धरातल पर उतरना जरूरी&colon; डीसीक्यूए<br>जिला सलाहकार&comma; गुणवत्ता यक़ीन पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि कायाकल्प कार्यक्रम से संबंधित प्रशिक्षण के दौरान अनुमंडलीय अस्पताल&comma; रेफ़रल अस्पताल&comma; सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सफ़ाई शत प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>क्योंकि सभी तरह के संक्रमित व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी स्वास्थ्य कर्मियों की होती है। इसके लिए साफ-सफाई को लेकर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रसव कक्ष के अंतर्गत आने वाले ओपीडी&comma; ओटी सहित अस्पताल परिसर की सफाई नियमित रूप से करने पर विशेष बल दिया गया है। ब्लड स्पिल मैनेजमेंट&comma; ग्लोविंग&comma; मरकरी स्पिल मैनेजमेंट के साथ डॉक्यूमेंटेशन के बारे में भी बताया गया है। कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 8 तरह के मानकों से संबंधित अस्पताल प्रशासन को ध्यान देने के लिए कहा गया।<&sol;p>&NewLine;

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