1.5 लाख रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती, विभिन्न आयोगों को भेजी गई अधियाचना

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; सोनू कुमार &colon;<&sol;strong> सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर कर्मचारियों की जल्द भर्ती की जाएगी। इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए सामान्य प्रशासन विभाग &lpar;जीएडी&rpar; ने विभिन्न आयोगों में एक लाख 50 हजार 561 पदों पर भर्ती के लिए अधियाचना भेजी गई है। ये बातें सोमवार को सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए जीएडी के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेंद्र ने कही। उन्होंने कहा कि अधियाचना भेजने और कर्मचारियों की भर्ती की यह एक निरंतर प्रक्रिया है&comma; जो अभी भी चल रही है। 1 लाख 50 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है।श्री राजेंद्र ने कहा कि कर्मचारियों की भर्ती के लिए सरकार कटिबद्ध है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>तय लक्ष्य के अनुसार अप्रैल 2020 से 6 फरवरी 2026 तक नौ लाख 84 हजार 141 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें नियमित कर्मियों की संख्या 7 लाख 95 हजार 832&comma; संविदा नियोजित कर्मचारियों की संख्या 1 लाख 17 हजार 784 और बाह्य स्रोत से नियोजित कर्मियों की संख्या 70 हजार 525 है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सामान्य प्रशासन विभाग को आईएसओ प्रमाणिकरण का तीन वर्षों के लिए सर्टिफिकेट प्राप्त किया है। यह उपलब्धि बिहार में पहली बार किसी विभाग को हासिल हुई है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह प्रमाण-पत्र विभागीय कार्यप्रणाली में गुणवत्ता&comma; पारदर्शिता और मानकीकरण का प्रमाण है।उन्होंने कहा कि नागरिक सेवाओं का विस्तार कानून के तहत लोगों को 14 विभागों में 153 तरह की सेवाएं दी जा रही हैं। इसमें जाति&comma; आवासीय&comma; दुर्घटना अनुदान&comma; कन्या उत्थान समेत अन्य योजनाएं शामिल हैं। इसके तहत राज्य में 51 करोड़ 13 लाख से अधिक आवेदनों का निस्तारण किया गया है। जुलाई 2025 से पंचायत भवनों में स्थापित लोक सेवा के माध्यम से नागरिकों को 64 से अधिक सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे समस्याओं का पंचायत स्तर पर ही निस्तारण हो रहा है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अपर मुख्य सचिव ने कहा कि शिकायतों के समाधान के लिए राज्य में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 लागू है। इसके तहत सेवा और योजनाओं में पारदर्शी शिकायत सुनिश्चित किया गया है। अधिनियम के तहत 22 जनवरी 2016 से अभी तक 18 लाख 57 हजार परिवादों का निस्तारण हो चुका है। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना में 121 विषय विशेषज्ञों का चयन किया गया और उन्हें विभिन्न कार्यालयों में कार्य करने का अवसर दिया गया है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एचआरएमएस के अंतर्गत मानव संसाधन प्रशासन का डिजिटलीकरण&comma; सरकार में क&comma; ख एवं ग समूह के तहत सेवा देने वाले अधिकारी&comma; कर्मचारियों की चल-अचल संपत्ति और दायित्वों का विवरण संबंधित वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है।अपर मुख्य सचिव ने इस पत्रकार वार्ता में केंद्रीय हेल्पलाइन टोल-फ्री नंबर 14403 &lpar;जिज्ञासा&rpar; और समाधान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1800-345-6284 पर प्राप्त होने वाले प्रश्न और शिकायतों के आंकड़े बातए। जिज्ञासा पर अब तक 7 लाख 92 हजार से अधिक नागरिकों को जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा समाधान पर 12 लाख 35 हजार नागरिकों ने शिकायतें दर्ज कराई&comma; जिनका समाधान किया गया। इस मौके पर विशेष सचिव संजय कुमार&comma; संयुक्त सचिव रजनीश कुमार और विशेष कार्य पदाधिकारी अफाक अहमद आदि मौजूद रहे।<&sol;p>&NewLine;

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