कुमुदिनी शिशु विद्या मंदिर में रास गरबा और डांडिया की धूम, पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने बांधा समां

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत।<&sol;strong> कुमुदिनी शिशु विद्या मंदिर में शनिवार को रास गरबा सह डांडिया कार्यक्रम का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ किया गया&period; रंग-बिरंगी सजावट&comma; पारंपरिक परिधान और संगीत की धुनों के बीच विद्यार्थियों ने गरबा और डांडिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं&period; बच्चों के उत्साह और आकर्षक नृत्य ने विद्यालय परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति&comma; लोककला और पारंपरिक रीति-रिवाजों से जोड़ना था&period; नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस समारोह में बच्चों ने सामूहिक नृत्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरत झलक पेश की&period; डांडिया की लयबद्ध थाप और गरबा की पारंपरिक शैली ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिये&period; विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का परिचय दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कुमुदिनी शिशु विद्या मंदिर की निदेशक उषा कुमारी ने कहा कि गरबा और डांडिया जैसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को भारतीय परंपराओं से जोड़ने के साथ उनमें आत्मविश्वास&comma; अनुशासन और सामूहिकता की भावना विकसित करते हैं&period; ऐसे कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा निखारने और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई&period; शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और पूरे आयोजन के दौरान उनका मार्गदर्शन किया&period; समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में उमंग&comma; उल्लास और आपसी सौहार्द का माहौल बना रहा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कुमुदिनी एजुकेशनल कम चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित कुमुदिनी शिशु विद्या मंदिर में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों के सांस्कृतिक&comma; सामाजिक और नैतिक विकास पर भी जोर दिया जाता है&period; रास गरबा सह डांडिया कार्यक्रम ने बच्चों को मनोरंजन के साथ भारतीय परंपराओं को करीब से समझने का अवसर दिया।<&sol;p>&NewLine;

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