PSACWA के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन &lpar;PSACWA&rpar; के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने आज बिहार के महामहिम राज्यपाल को एसोसिएशन की स्मारिका एवं एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए राज्य के निजी विद्यालयों की गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ज्ञापन में यह बताया गया कि राज्य के हजारों निजी विद्यालयों ने Right to Education &lpar;RTE&rpar; के अंतर्गत निर्धन एवं वंचित वर्ग के बच्चों को कई वर्षों से निःशुल्क शिक्षा दी है&comma; लेकिन सरकार द्वारा वर्ष 2018-19 से लेकर 2024-25 तक की बकाया राशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इससे स्कूलों के सामने गहरा आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>QR कोड वितरण में गंभीर विसंगतियाँ-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अहमद ने विशेष रूप से इस बात पर भी चिंता जताई कि अनेक विद्यालयों को वर्ष 2022 तक QR कोड से वंचित रखा गया&comma; जबकि वे संस्थान 2014-15 से ही राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त थे और RTE के तहत बच्चों को पढ़ा रहे थे। कई स्कूलों को 2023 या 2024 में ही QR कोड प्रदान किया गया&comma; जिससे वे ज्ञानदीप पोर्टल पर छात्रों की प्रविष्टि नहीं कर पाए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ज्ञापन की मुख्य माँगें-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिन स्कूलों को 2023 या 2024 में QR कोड दिया गया है&comma; उन्हें वर्ष 2019 से 2025 तक पढ़ने वाले RTE छात्रों की जानकारी ज्ञानदीप पोर्टल पर दर्ज करने की अनुमति दी जाए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पहले से मान्यता प्राप्त स्कूलों को अविलंब QR कोड जारी किया जाए&comma; ताकि वे पोर्टल पर अपनी प्रविष्टियाँ दर्ज कर सकें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वर्ष 2018-19 से लेकर 2024-25 तक की सभी लंबित RTE राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हमारे विद्यालयों ने बिना किसी भुगतान के वर्षों तक निर्धन बच्चों को शिक्षा दी है। अब यह सरकार की नैतिक और संवैधानिक ज़िम्मेदारी है कि वह उनका बकाया तुरंत चुकता करे और तकनीकी कारणों से वंचित स्कूलों को पूरा अवसर दे।&&num;8221&semi;<br &sol;>इस अवसर पर एसोसिएशन की राष्ट्रीय प्रधान कार्यालय सचिव फौजिया खान भी मौजूद थीं।<&sol;p>&NewLine;

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