प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर परिवार नियोजन को लेकर किया गया कार्यक्रम का आयोजन

&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list"><li>महिला एवं पुरुषों को किया गया परिवार नियोजन के प्रति जागरूक<&sol;li><li>आशा एवं एएनएम को नसबंदी कराने पर दी जाती है प्रोत्साहन राशि &colon; डीसीएम<&sol;li><li>जिलेवासियों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से विभाग की ओर से की गई हैं अनूठी पहल&colon; डीपीएम<&sol;li><li>परिवार नियोजन के विषय में संकल्पित होने की जरूरत&colon; सिविल सर्जन<&sol;li><&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> परिवार नियोजन को लेकर जिले में 13 से 25 सितंबर तक मिशन परिवार विकास अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में छोटा परिवार-सुखी परिवार से संबंधित जागरूकता को लेकर जिला के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में परिवार नियोजन दिवस के रूप में मनाया गया&comma; जिसके तहत लोगों को परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई साधन को लेकर जानकारी दी गई। ग्रामीण स्तर तक भी लोगों को परिवार नियोजन की जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सारथी रथ चलाया गया है। सारथी रथ के द्वारा लोगों को परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई साधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>महिला एवं पुरुषों को परिवार नियोजन के प्रति हमेशा जागरूक होने की जरूरत&colon; डॉ प्रमोद<&sol;strong><br>शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पूर्णिया कोर्ट परिसर में डॉ प्रमोद कुमार प्रभाकर एवं अन्य कर्मियों द्वारा परिवार नियोजन दिवस बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया। परिवार नियोजन दिवस के मुख्य उद्देश्यों के संबंध में डॉ&period; प्रभाकर ने बताया कि वैसे तो समाज मे 15 से 49 वर्ष के सभी महिला या पुरुषों को इसके प्रति हमेशा जागरूक होने की जरूरत होती हैं। परिवार नियोजन के लगभग 300 तरीके उपलब्ध हैं। परिवार नियोजन लम्बे समय के लिए &lpar;कॉपर-टी&rpar; अंतरा&comma; पुरुष नसबंदी&comma; छाया की माला ए&comma; इसके साथ ही परिवार नियोजन स्कीम भी समझाए गए है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान पर भी जोर दिया गया। शहरी स्वास्थ्य केंद्र में प्रत्येक माह परिवार नियोजन की संख्या बढ़ रही है। माह जुलाई में 20 अंतरा&comma; माला एन-25 और कंडोम-50&comma; कॉपर टी-10 का इस्तमाल किया गया हैं। जबकि अगस्त महीने में 30-अंतरा एवं माला एन 50&comma; कंडोम-50 और इसी महीने के 21सितंबर तक अंतरा- 38 एवं माला एन-65 और 100 कंडोम का वितरण किया गया हैं। कार्यक्रम के दौरान शहरी स्वास्थ्य केंद्र पूर्णिया कोर्ट के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रमोद कुमार प्रभाकर&comma; एएनएम माला कुमारी&comma; अनुप्रिया&comma; रश्मिप्रमा&comma; पूजा कुमारी&comma; स्वीटी कुमारी&comma; रेशमी कुमारी&comma; फार्मासिस्ट आफताव आलम&comma; डाटा ऑपरेटर सिंटू कुमार एवं विरेन्द्र कुमार मंडल मौजूद रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आशा एवं एएनएम को नसबंदी कराने पर दी जाती है प्रोत्साहन राशि&colon; डीसीएम<&sol;strong><br>जिला सामुदायिक उत्प्रेरक सह परिवार विकाश मिशन के नोडल अधिकारी संजय कुमार दिनकर ने बताया नसबंदी कराने वाले लाभार्थियों को 3000 रुपये&comma; उत्प्रेरक को 400 रुपये&comma; प्रसव के तुरंत बाद बंध्याकरण कराने पर महिला लाभार्थी को 3000 रुपये&comma; उत्प्रेरक को 400 रुपये&comma; पीपीआईयूसीडी बंध्याकरण पर लाभार्थी को 2000 रुपये&comma; एएनएम को 150 रुपये&comma; जबकिं आशा कार्यकर्ता को 150 रुपये दिए जाते हैं। इसी तरह प्रसव पश्चात कॉपर टी लगवाने पर 300 रुपये&comma; गर्भपात उपरांत कॉपर टी लगवाने पर लाभार्थी को 300 रुपये&comma; अंतरा की प्रति सुई लगाने पर प्रति लाभार्थी 100 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जिलेवासियों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से विभाग की ओर से की गई हैं अनूठी पहल&colon; डीपीएम<&sol;strong><br>ज़िला कार्यक्रम प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया जिलेवासियों में परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक अलग तरह से अनूठी पहल की गयी है। परिवार नियोजन के विशेषताओं की जानकारी व सलाह देने के लिए सारथी रथ चलाया जा रहा है। शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सारथी रथ को विभिन्न प्रखंडों में प्रचार-प्रसार के लिए लगाया गया हैं। इसके माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन के विभिन्न पहलुओं&comma; उपायों एवं जागृति के लिए लाउडस्पीकर से जानकारी दी जा रही है। यह सारथी रथ विभिन्न प्रखंडों में सुबह 10&colon;00 बजे से लेकर शाम के 5 बजे तक विभिन्न गली&comma; मोहल्लों एवं चौक चौराहों पर रुकते हुए लोगों को परिवार नियोजन को लेकर जागृत कर रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>परिवार नियोजन के विषय में संकल्पित होने की जरूरत&colon; सिविल सर्जन<&sol;strong><br>सिविल सर्जन डॉ एसके वर्मा ने बताया सामुदायिक स्तर पर जागरुकता से परिवार नियोजन के साधनों का इस्तेमाल करने से जनसंख्या वृद्धि को रोका जा सकता है। आम लोगों को परिवार नियोजन के विषय में संकल्पित होने की जरूरत है। सीएस ने बताया पखवाड़े के दौरान सारथी जागरुकता रथ के जरिए स्वस्थ मां एवं तंदरुस्त बच्चा हेतु सही उम्र में शादी&comma; पहला बच्चा शादी के कम से कम दो साल बाद&comma; दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर एवं बच्चे दो ही अच्छे विषय पर परामर्श देते हुए गर्भनिरोधक उपाय अपनाने को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही परिवार नियोजन उपायों को अपनाने में पुरुषों की भी सामान सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

मां कामाख्या दर्शन से इच्छाओं की पूर्ति होता है

भदौर थाना का एसपी ग्रामीण ने किया निरीक्षण, लंबित कांडों की समीक्षा

राहुल गांधी का संसद के मकर द्वार पर पिकनिक मनाना सदन और संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन : गुरु प्रकाश