परसा बाजार पंचायत का खपरैल चक गाँव मे बजबजाती नालियाँ और नाले के गंदा पानी से होकर आने जाने को मजबूर लोग

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; &lpar;न्यूज क्राइम 24<&sol;strong>&rpar; राजधानी पटना से सटे परसा बाजार पंचायत में खपरैल चौक गांव के लोगों को नाले का गंदा पानी से होकर आने जाने की मजबूरी है&period; इस भीषण गर्मी में भी गांव की गलियों में नाले के टूटे और खुले में मैनहाल के चलते नाले के गंदा पानी गलियों में होकर बह रहा है जिससे लोग आते जाते हैं&period;फुलवारी शरीफ़ प्रखण्ड के ग्राम खपराईलचक &lpar;परसा बाजार रेलवे स्टेशन से सटे पश्चिम&rpar; पंचायत परसा बाजार इलाके का गांव मे आने जाने वाली यह सड़क जिसपर 6 माह से भी अधिक समय से जलजमाव है और नाले का ढक्कन भी खुला हुआ है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस गांव के हजारों घरों के लोग इसी सड़क से आते जाते हैं&period; कई बार लोग मोटरसाइकिल सवार या ऑटो वाले इस गांव से में आने-जाने के दौरान टूटे में हाल में फंसकर गिर जाते हैं&period;खपरैल चक निवासी नरेश प्रसाद अरुण पासवान विश्वकर्मा कुमार अजय पंडित सुनील प्रसाद मसूधन पासवान शंकर पासवान बबलू कुमार आलोक कुमार भोला प्रसाद समेत गांव के लोगों को कहना है कि जल्द ही इसका मरम्मत नहीं कराया गया तो कभी भी बडी घटना हो सकती है&period; सबसे अधिक समस्या रात के समय इस मार्ग से गुजरने में होती है जब लोगों को पता नहीं चलता है कि कहां मैनहॉल खुला हुआ है किसका ढक्कन ढीला डाला है और लोग दुर्घटना का शिकार हो जा रहे हैं&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गांव वालों को यह डर सता रहा है कि दो माह बाद जब बरसात का मौसम आएगा तब इस सड़क से गुजराना किस कदर खतरनाक हो जाएगा&period; इतना ही नहीं छोटे-छोटे बच्चों को भी सड़क से आने जाने में हमेशा जान का डर बना रहता है&period;कई बार बच्चे मेनहाल में गिरकर जख्मी हो चुके हैं&period;अधिवक्ता राज कुमार ने बताया की खपरेल चक उनका ननिहाल है इस गांव की इस गंभीर समस्या की ओर किसी भी जनप्रतिनिधि या जिम्मेदार प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गांव में स्थानीय पंचायत के मुखिया सुजीत कुमार या उनके प्रतिनिधि कभी नजर नहीं आते&period; मुखिया जी चुनाव जीतने के बाद अपना निजी कारोबार चलाने पर ही ज्यादा ध्यान देते हैं&comma; पंचायत और गांव के विकास की कोई चिंता नहीं है&period;गांव वालों का कहना है की इस गांव में विकास का कोई काम नहीं हुआ&period; नल जल के काम में भी भारी लूट हुई है&period;लोगों के यहां नल जल का जो पाइप लगाया गया वह फटा हुआ है या उससे पानी बह रहा है&period; गांव के लोगों का कहना है कि कहने को वे लोग पटना शहर और राजधानी के निवासी हैं लेकिन यहां कोई बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध नहीं कराया गया&period;<&sol;p>&NewLine;

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