गर्मी और लू से लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की है जरूरत

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> à¤—र्मी का मौसम अपने उफान पर है। हर दिन तापमान में इजाफा हो रहा है। ऐसे में लोगों को लू से ग्रसित होने की संभावना बढ़ जाती है। गर्मी के मौसम में बड़ों के साथ बच्चों कई तरह के संक्रमण के साथ डायरिया&comma; पानी में कमी जैसी विभिन्न परेशानियों से ग्रसित होने की संभावना रहती है। अपने दैनिक कार्यों में बाहर निकलने वाले लोगों को ज्यादातर लू से ग्रसित होने की संभावना रहती है। लोगों को लू से सुरक्षित रहने के लिए विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत है। तपती गर्मी में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को लू से सुरक्षा के लिए चिकित्सकों के निर्देश का ध्यान रखने की जरूरत है। लू से ग्रसित लोगों को चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के लिए जिले के सभी अस्पताल में आवश्यक सुविधा उपलब्ध है। लू के लक्षण दिखाई देने पर लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकों से सम्पर्क करना चाहिए और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>गर्म&comma; लाल और सुखी त्वचा का होना लू से ग्रसित होने के हैं लक्षण &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बढ़ती गर्मी में घर से बाहर निकलने पर लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसा नहीं करने पर लोग लू का शिकार हो सकते हैं। गर्म&comma; लाल और सुखी त्वचा का होना&comma; शरीर का तापमान 40°C या 104°F से अधिक होना&comma; चक्कर आना&comma; बेहोशी एवं सर का हल्कापन होना&comma; जी मचलना अथवा उल्टी होना&comma; तेज सिर दर्द का होना&comma; तेज धड़कन या सांसे तेज होना&comma; मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन का होना आदि लू से ग्रसित होने के लक्षण हो सकते हैं। ऐसा होने पर ग्रसित व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाओं के साथ साथ लू से सुरक्षित रहने के सावधानी का ध्यान रखना चाहिए। इस वर्ष पूर्णिया जिले में अबतक 05 मरीज लू से ग्रसित पाए गए हैं जिन्हें अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों द्वारा आवश्यक मेडिसीन उपलब्ध करते हुए लू से सुरक्षा के लिए जागरूक रहने की आवश्यक जानकारी दी गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>तेज धूप और लू का शरीर पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव&comma; सावधानी ही बचाव का बेहतर उपाय &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ ओ पी साहा ने बताया कि लू से ग्रसित मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक प्रयास किया जा रहा है। सभी अस्पतालों में लू से ग्रसित मरीजों के उपचार के लिए सभी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध है। इसके अलावा सभी अस्पताल में उपस्थित अन्य बीमारी से ग्रसित मरीजों को भी चिकित्सकों द्वारा लू से सुरक्षा के लिए ध्यान रहने के लिए जागरूक किया जाता है। लोगों को बताया जाता है कि लू से बच्चे&comma; बूढ़े&comma; गर्भवती महिला और मजदूर व्यक्ति को अत्यधिक प्रभावित होने का खतरा रहता है। ऐसे लोगों को लू से सुरक्षा के लिए बचाव के उपायों का आवश्यक उपयोग करना चाहिए। कड़ी धूप में बाहर जाने एवं कठिन परिश्रम करने से ऐसे लोगों को परहेज करना चाहिए। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बच्चों को धूप में खेलने-कूदने&comma; टहलने आदि नहीं करना चाहिए। घर में प्रत्यक्ष रूप से सूर्य के प्रकाश को अवरुद्ध रखना चाहिए। ऐसे मौसम में चाय&comma; कॉफी तथा अन्य गर्म पेय से परहेज करने की जरूरत है। धूप में निकलने से पहले शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की जरूरत है। घर से निकलने से पहले भरपेट भोजन करना चाहिए। धूप में निकलने पर चश्मा का उपयोग&comma; सिर पर तौलिया&sol;गमछा या छाता रखना चाहिए। लोगों को बताया जाता है कि तेज धूप और लू का शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सावधान रहने से लोग लू ग्रसित होने से सुरक्षित रह सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ओआरएस घोल का करना चाहिए उपयोग &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ साहा ने बताया कि अचानक लू लगने वाले व्यक्ति को छायादार स्थान पर सही स्थिति में लिटाते हुए उनके तंग कपड़ों को ढीला अथवा हटा देना चाहिए। शरीर को हवा लगने के लिए कूलर&comma; पंखे आदि का उपयोग करना चाहिए। ग्रसित व्यक्ति का पैर को सामान्य से थोड़ा ऊंचा रखना चाहिए। ठंडे पानी से शरीर को पोंछना चाहिए। इस दौरान रोगी को ओआरएस का घोल&sol;निम्बू पानी&sol;साधारण पानी&sol;नमक-चीनी का घोल पिलाना चाहिए। यदि व्यक्ति पानी की उल्टियां करे या बेहोश हो तो उसे कुछ भी खाने या पीने नहीं देना चाहिए। तत्काल प्राथमिक उपचार करने से ग्रसित व्यक्ति लू से सुरक्षित हो सकते हैं। ऐसा करने पर भी ग्रसित व्यक्ति की तबियत ठीक नहीं होने पर उन्हें तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लाकर चिकित्सकों से परामर्श लेना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;

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