पटना वीमेंस कॉलेज में ‘सिक्योर कोडिंग’ पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> पटना वीमेंस कॉलेज के कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग विभाग की ओर से Centre for Development of Advanced Computing &lpar;C-DAC&rpar;&comma; पटना तथा ISEA-CISCO Training and Certification&comma; इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय&comma; भारत सरकार के सहयोग से &OpenCurlyQuote;Secure Coding – Writing Robust Code &amp&semi; Preventing Critical Exploits’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं विश्वसनीय सॉफ्टवेयर विकास के प्रति जागरूक करना तथा कोडिंग के दौरान संभावित सुरक्षा कमजोरियों की पहचान और रोकथाम के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना गीत से हुई। इसके बाद संसाधन व्यक्तियों एवं उनकी टीम का पौधों के पौधों से स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यशाला का परिचय कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग विभाग की विभागाध्यक्ष सुश्री पूनम अब्राहम लकड़ा ने प्रस्तुत किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यशाला में C-DAC&comma; पटना के वरिष्ठ परियोजना अभियंता श्री हृदय वर्मा&comma; परियोजना अभियंता श्री अनिकेत पट्टीवार तथा परियोजना अभियंता सुश्री निशु संसाधन व्यक्ति के रूप में शामिल हुए। श्री हृदय वर्मा ने विद्यार्थियों को सिक्योर कोडिंग&comma; सिक्योर आर्किटेक्चर&comma; CIA Triad&comma; Authentication&comma; Authorization&comma; Input Validation&comma; OWASP Top 10&comma; DevSecOps&comma; Software Supply Chain Security और Secure SDLC जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं&comma; श्री अनिकेत पट्टीवार ने व्यावहारिक एवं हैंड्स-ऑन सत्र के माध्यम से सुरक्षित कोडिंग की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि वास्तविक सॉफ्टवेयर विकास के दौरान सुरक्षा संबंधी अवधारणाओं को प्रभावी तरीके से किस प्रकार लागू किया जा सकता है। C-DAC की परियोजना अभियंता सुश्री निशु&comma; जो पटना वीमेंस कॉलेज की MCA &lpar;बैच 2020-22&rpar; की पूर्व छात्रा हैं&comma; ने विद्यार्थियों को API Coding के लिए आवश्यक विभिन्न कौशलों के बारे में जानकारी दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही&comma; सॉफ्टवेयर विकास के दौरान संभावित कमजोरियों की पहचान कर उन्हें समय रहते रोकने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यशाला ने विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक प्रोजेक्ट्स एवं भविष्य में विकसित किए जाने वाले एप्लीकेशन्स में सुरक्षा-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही सॉफ्टवेयर के डिजाइन और विकास में सुरक्षित&comma; जिम्मेदार एवं विश्वसनीय प्रक्रियाओं के पालन पर जोर दिया गया।<&sol;p>&NewLine;

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