रक्षाबंधन पर पंचक का साया, जानिए पटना में राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026&comma; शुक्रवार को मनाया जाएगा। श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त की सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना में सुबह 5&colon;28 बजे से 9&colon;48 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5 बजकर 28 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक है। इस दौरान राखी बांधना शुभ माना गया है। वहीं&comma; दिल्ली में यही समय 5&colon;57 बजे से 9&colon;48 बजे तक बताया गया है। इससे स्पष्ट है कि शहर के अनुसार सूर्योदय और पंचांग गणना के कारण समय में कुछ अंतर हो सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पंचांग के अनुसार भद्रा 28 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी&comma; इसलिए रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए भद्रा का विशेष अवरोध नहीं रहेगा। पूर्णिमा तिथि भी सुबह 9&colon;48 बजे तक ही रहेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पंचक के बीच मनाया जाएगा रक्षाबंधन-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस बार रक्षाबंधन के दिन पंचक भी रहेगा। पंचांग के अनुसार पंचक 27 अगस्त को दोपहर करीब 1&colon;36 बजे शुरू होकर 1 सितंबर की सुबह करीब 3&colon;24 बजे तक रहेगा। यानी 28 अगस्त को राखी बांधते समय पंचक की अवधि रहेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पंचांग में 28 अगस्त की सुबह राज पंचक का समय भी बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं में पंचक के दौरान कुछ शुभ कार्यों को लेकर अलग-अलग मत हैं। हालांकि&comma; रक्षाबंधन की राखी बांधने की परंपरा को लेकर सभी परंपराओं में पंचक को समान रूप से निषेध नहीं माना जाता। इसलिए परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार निर्णय लेना उचित माना जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रक्षाबंधन के दिन चंद्रग्रहण भी&comma; लेकिन भारत में नहीं दिखेगा-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>28 अगस्त को वर्ष 2026 का अंतिम चंद्रग्रहण भी पड़ रहा है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा&comma; इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>राखी बांधने की पूजा विधि-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रक्षाबंधन के दिन सबसे पहले पूजा की थाली तैयार करें। थाली में राखी&comma; रोली या कुमकुम&comma; अक्षत&comma; दीपक&comma; मिठाई&comma; फूल और अन्य पूजा सामग्री रखी जा सकती है। भाई को तिलक लगाने के बाद आरती करें और फिर दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधें। इसके बाद मिठाई खिलाकर भाई की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की जाती है। धार्मिक परंपरा के अनुसार राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>खास बातें एक नजर में-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>रक्षाबंधन&colon; 28 अगस्त 2026&comma; शुक्रवार<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>श्रावण पूर्णिमा&colon; 27 अगस्त सुबह से 28 अगस्त सुबह 9&colon;48 बजे तक<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>पटना में राखी बांधने का शुभ समय&colon; सुबह 5&colon;28 बजे से 9&colon;48 बजे तक<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>भद्रा&colon; 28 अगस्त के सूर्योदय से पहले समाप्त<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>पंचक&colon; 27 अगस्त दोपहर से 1 सितंबर सुबह तक<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>28 अगस्त को&colon; राज पंचक की अवधि<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>चंद्रग्रहण&colon; 28 अगस्त को&comma; लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>सुझाव&colon; स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;

Related posts

टोटो की सीट फाड़ने के आरोप में 13 वर्षीय भतीजी की पीट-पीटकर हत्या का आरोप

पटना वीमेंस कॉलेज में ‘सिक्योर कोडिंग’ पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

पूर्व SDO सत्यम सहाय को दी गई विदाई, नए SDO कशिश बख्शी का हुआ स्वागत