राजस्व मामलों में ढिलाई पर पटना डीएम सख्त

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; पटना के समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी डॉ&period; त्यागराजन एस&period;एम&period; ने आज जिले में राजस्व कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने दाखिल-खारिज&comma; परिमार्जन&comma; अभियान बसेरा&comma; भूमि नापी&comma; भूमि विवाद निराकरण&comma; आधार सीडिंग&comma; अतिक्रमण उन्मूलन&comma; सीमांकन&comma; विशेष सर्वेक्षण&comma; भू-अर्जन&comma; भूमि उपलब्धता एवं हस्तांतरण जैसे अंचलवार मामलों का अद्यतन जायजा लिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>98&percnt; मामलों का निष्पादन&comma; फिर भी लंबित आवेदनों पर जताई नाराजगी<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी ने बताया कि दाखिल-खारिज के कुल मामलों में अब तक लगभग 98&percnt; मामलों का निष्पादन कर लिया गया है। पुराने बैकलॉग लगभग समाप्त हो चुके हैं और नए प्राप्त आवेदनों पर भी त्वरित कार्रवाई हो रही है।<br &sol;>हालांकि&comma; 75 दिनों से अधिक लंबित मामलों की संख्या 1&comma;176 है&comma; और टेम्प मामलों के 4&comma;325 आवेदन अभी भी लंबित हैं। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और इसे &&num;8220&semi;अस्वीकार्य&&num;8221&semi; बताया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>चार अंचलों पर विशेष नाराजगी&comma; अंचलाधिकारियों का वेतन स्थगित<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फुलवारीशरीफ&comma; दीदारगंज&comma; बिहटा एवं सम्पतचक अंचलों में अधिकांश मानकों पर बेहद खराब प्रदर्शन पाया गया। इन क्षेत्रों में टेम्प मामलों और लंबित मामलों की संख्या सर्वाधिक है। जिलाधिकारी ने इन चारों अंचल अधिकारियों पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि इनकी लापरवाही से पूरा जिला प्रभावित हो रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए इन चारों अंचलाधिकारियों का वेतन अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है और स्पष्टीकरण तलब किया गया है। यदि उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया&comma; तो विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को दिए गए सख्त निर्देश<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी ने सभी भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को आदेशित किया है कि वे अपने क्षेत्र के अंचलों का निरीक्षण करें&comma; विशेषकर जहां सबसे अधिक मामले लंबित हैं।<br &sol;>उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।<br &sol;>लापरवाह कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सौंपने का निर्देश भी दिया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>परिमार्जन प्लस के 120 दिन से अधिक लंबित सभी मामलों को तत्काल निष्पादित करने का निर्देश<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बीएलडीआरए &lpar;बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम&rpar; के तहत 90 दिन से अधिक लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>म्यूटेशन अपील के 30 दिन से अधिक लंबित मामलों का विधिसम्मत निष्पादन<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दाखिल-खारिज के अपील मामलों को समय-सीमा के भीतर समाप्त करने के निर्देश<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रगति और अनुशासन में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो अधिकारी या कर्मचारी कार्य में शिथिलता बरतते हैं&comma; उनके विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।<&sol;p>&NewLine;

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