पटना जिला न्यायालय का बड़ा आदेश : रुक्मणी बिल्डटेक की संपत्ति होगी कुर्क

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित। <&sol;strong>पटना की जिला अदालत ने रुक्मणी बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उसकी संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया है&period; यह आदेश प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज की अदालत ने एग्जीक्यूशन केस संख्या 358&sol;2023 में सुनाया है। यह मामला भू-स्वामी नागेश्वर सिंह स्वराज द्वारा दायर किया गया था&period; उन्होंने अदालत से गुहार लगाई थी कि वर्ष 2022 में मध्यस्थता &lpar;आर्बिट्रेशन&rpar; से जो फैसला उनके पक्ष में आया था&comma; उसकी राशि अब तक उन्हें नहीं मिली है&period; अदालत ने पहले ही बिल्डर को तय रकम और उस पर ब्याज देने का आदेश दिया था&comma; लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अदालत ने इसे आदेश की अवहेलना मानते हुए सख्ती दिखाई है&period; पहले चरण में भोगीपुर एकतापुरम&comma; थाना गोपालपुर क्षेत्र में स्थित &OpenCurlyQuote;छत्रपति शिवाजी ग्रींस’ परियोजना के ए&comma; ए-1&comma; बी&comma; बी-1&comma; सी&comma; डी&comma; ई और एफ ब्लॉक में बिल्डर के हिस्से के कई फ्लैट और दुकानों को कुर्क करने का आदेश दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता सत्यप्रकाश नारायण ने बताया कि अदालत ने साफ कहा है कि मध्यस्थता का फैसला मानना अनिवार्य होता है&period; अगर कोई पक्ष उसे नहीं मानता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी&period; अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि पूरी कार्रवाई छह माह के अंदर पूरी की जाए&comma; ताकि न्याय में देरी न हो&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस फैसले के बाद फ्लैट खरीदारों और उनके परिवारों में खुशी की लहर है&period; लंबे समय से भुगतान और निर्माण में देरी के कारण वे परेशान थे&period; अदालत के इस आदेश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और न्यायालय के प्रति आभार जताते हुए कहा – सत्यमेव जयते।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

टूटी पाइपलाइन से घरों में पहुंच रहा नाले का गंदा पानी

शाहपुर डबल मर्डर पर सांसद पप्पू यादव का हमला : अपराधियों को संरक्षण दे रही है सरकार

उत्क्रमित मध्य विद्यालय पथराहा हिंदी में छात्रों की संख्या 320 के विरुद्ध मात्र तीन शिक्षक कार्यरत