टूटी पाइपलाइन से घरों में पहुंच रहा नाले का गंदा पानी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित। <&sol;strong>नगर परिषद क्षेत्र के इसोपुर मोहल्ला स्थित वार्ड संख्या 24 और 25 में पेयजल संकट ने गंभीर रूप ले लिया है&period; टूटी पाइपलाइन के कारण पिछले लगभग एक महीने से घरों में नाले का गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है&period; इससे लोगों में संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है&period;<br>स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क मरम्मत कार्य के दौरान मुख्य पाइपलाइन 2 से 3 जगह पर क्षतिग्रस्त हो गई थी&period; इसके बाद से जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है&period; कई घरों में पानी बिल्कुल नहीं पहुंच रहा&comma; जबकि कई घरों में गंदा पानी आ रहा है&comma; जो उपयोग लायक नहीं है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मोहल्ले के नागरिक मुन्ना कुमार गुप्ता&comma; मुन्ना शर्मा&comma; रानी कुमारी&comma; उषा देवी&comma; शुभम शर्मा&comma; श्रीकांत रजक&comma; रेणु कुमारी&comma; बबिता कुमारी&comma; बनेश्वर शर्मा&comma; किरण देवी&comma; राजा कुमार&comma; धर्मेंद्र शर्मा&comma; श्रवण कुमार शर्मा और चिंटू गुप्ता सहित अन्य लोगों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या की शिकायत कई बार नगर परिषद कार्यालय में की&period; स्थानीय जनप्रतिनिधि सुनील कुमार से भी समाधान की गुहार लगाई गई&comma; लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टाल रहे हैं&period; एक महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी पाइपलाइन की मरम्मत नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता से भी शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है&period; उनका कहना है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे सामूहिक विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। अब देखना यह है कि नगर परिषद प्रशासन इस गंभीर जनसमस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और लोगों को स्वच्छ पेयजल कब तक उपलब्ध करा पाता है।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

पटना जिला न्यायालय का बड़ा आदेश : रुक्मणी बिल्डटेक की संपत्ति होगी कुर्क

शाहपुर डबल मर्डर पर सांसद पप्पू यादव का हमला : अपराधियों को संरक्षण दे रही है सरकार

उत्क्रमित मध्य विद्यालय पथराहा हिंदी में छात्रों की संख्या 320 के विरुद्ध मात्र तीन शिक्षक कार्यरत