टेली कंसल्टेंसी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;<&sol;mark><&sol;strong> 03 जनवरी जिले में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के सामान्य बीमारी से ग्रसित लोगों को चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा ई-संजीवनी के माध्यम से टेलीकंस्लटेंसी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों के सामान्य मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा चिकित्सकीय सहायता प्रदान किया जा रहा है। लोगों को आसानी से सामान्य बीमारी की सहायता मिल सके&comma; इसके लिए जिले में हर माह के पहले और अंतिम बुधवार को टेलीकंस्लटेंसी कार्यक्रम चलाया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मरीजों को सहायता प्रदान करने के लिए स्पोक्स बनाया गया है। स्पोक्स में एएनएम द्वारा उपलब्ध मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में बनाए गए हब्स में उपस्थित विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन द्वारा जोड़ते हुए उनके स्वास्थ की जानकारी दी जाती है। इसके बाद चिकित्सकों द्वारा मरीजों के संबंधित बीमारियों के लिए उपयुक्त दवाइयों के उपयोग की जानकारी दी जाती है। इसके बाद स्पोक्स में उपलब्ध एएनएम द्वारा मरीजों को सम्बंधित दवाई उपलब्ध कराई जाती है। मरीजों को टेलीकंस्लटेंसी के माध्यम से चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के लिए जिले में कुल 472 स्पोक्स और 34 हब्स बनाये गए हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>चिकित्सकों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से मरीजों को दिया जा रहा चिकित्सकीय सहायता &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के सामान्य बीमारी से ग्रसित लोगों को अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण उन्हें संबंधित बीमारी से ज्यादा ग्रसित होने की संभावना रहती है। इसे दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा ई-संजीवनी के माध्यम से टेलीकंस्लटेंसी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की सुविधा के लिए स्पोक्स बनाये गए हैं जहां एएनएम द्वारा उपलब्ध मरीजों को नजदीकी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर से जोड़ा जाता है। टेलीकंस्लटेंसी के माध्यम से डॉक्टर द्वारा मरीजों को उपलब्ध बीमारी के आधार पर मेडिसिन परामर्श दिया जाता है जो मरीजों को एएनएम द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। इससे मरीजों को अस्पताल नहीं जाने के कारण भी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ मिल सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सामान्य स्वास्थ्य संबंधित सभी प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला योजना समन्यवक डॉ सुधांशु शेखर ने बताया कि ई-टेलीमेडिसीन कंसल्टेंसी के माध्यम से मरीजों को सामान्य स्वास्थ्य से सम्बंधित बीमारियों के लिए चिकित्सा परामर्श दिया जाता है। इसमें मातृ स्वास्थ्य&comma; शिशु स्वास्थ्य&comma; आंख&comma; कान&comma; नाक&comma; दंत&comma; त्वचा&comma; मलेरिया&comma; कुष्ठ&comma; बुख़ार&comma; हाइपरटेंशन&comma; खांसी&comma; सर्दी&comma; बीपी&comma; सुगर&comma; अर्थराइटिस एवं टीबी जैसी बीमारी के लिए चिकित्सीय सेवा शत प्रतिशत दी जाती है। इसके अलावा परामर्श केंद्र पर परिवार नियोजन&comma; पोषण&comma; एड्स&comma; कैंसर तंबाकू उपयोग के दुष्परिणाम के लिए परामर्श दिया जाता हैं। जांच के लिए रक्त शर्करा &lpar;शुगर&rpar;&comma; उच्च रक्तचाप&comma; पैथोलॉजी&comma; कोविड-19 एवं एनीमिया की जांच की जाती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों से ई-टेलीकंस्लटेंसी के माध्यम से परामर्श लेने के बाद एएनएम द्वारा दवाई दी जाती है जिससे मरीज़ स्वास्थ्य हो सके।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

पटना में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी, अपराध नियंत्रण को और सुदृढ़ करने के निर्देश

पत्नी संग पटना साहिब पहुंचे मंत्री दीपक प्रकाश, गुरु दरबार में लगाई हाजिरी

सेकंड चांस कार्यक्रम के तहत बालिकाओं के लिए मॉक टेस्ट का सफल आयोजन