फाइलेरिया से जुड़े मिथक दूर कर रहा है रोगी सहायता समूह

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> जिले में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं। रोग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए रोग प्रबंधन व दिव्यांगता रोकथाम के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसे लेकर फाइलेरिया मरीजों को रोग प्रभावित अंगो की समुचित सफाई के तकनीक से अवगत कराते हुए उन्हें एमएमडीपी किट मुहैया कराया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> फाइलेरिया मरीजों को समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये जिले में अनुमंडल अस्पताल फारिसगंज व रानीगंज रेफरल अस्पताल में विशेष फाइलेरिया क्लिनिक संचालित है। फाइलेरिया रोग पर प्रभावी नियंत्रण संबंधी उपायों की मजबूती में फाइलेरिया रोगी सहायता समूह अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। फाइलेरिया रोगी सहायता समूह नेटवर्क के सदस्य फाइलेरिया के नये मरीजों को चिह्नित करने व उन तक जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाने में मददगार साबित हो रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>समुदाय स्तर पर लोगों को किया जा रहा जागरूक<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फाइलेरिया रोगी सहायता समूह के सदस्य समुदाय में लोगों को फाइलेरिया रोग से जुड़े विभिन्न पहलूओं के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। जानकारी देते हुए डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि रोग के जागरूकता किसी भी रोग से बचाव का महत्वपूर्ण जरिया है। रोगी सहायता समूह फाइलेरिया के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए बीमारी से जुड़े मिथक को दूर कर रहा है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया मरीजों को सभी जरूरी चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। फाइलेरिया क्लिनिक का संचालन इस दिशा में मददगार साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया के नये मरीजों को रोग प्रबंधन तकनीक से अवगत कराते हुए एमएमडीपी किट मुहैया कराया जा रहा है। साथ ही हाईड्रोसिल मरीजों को सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है। फाइलेरिया मरीजों के लिये सभी जरूरी सुविधाएं पूरी तरह नि&colon;शुल्क होने की जानकारी उन्होंने दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जिले में फाइलेरिया के कुल 1476 मरीज<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिले में फाइलेरिया के कुल 1476 मरीज हैं। इसमें हाइड्रोसिल के 450 व हाथी पांव के 1026 मरीज शामिल हैं। फाइलेरिया मरीजों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में रोगी सहायता समूह के सदस्य सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। साथ ही समूह की मासिक बैठकों में रोग प्रबंधन व इसे नियंत्रण से जुड़े पहलूओं पर विस्तृत चर्चा करते समुदाय स्तर इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिले में फिलहाल 20 रोगी सहायता समूह सक्रिय है। अररिया&comma; फारबिसगंज व रानीगंज प्रखंड में सक्रिय इन समूह के माध्यम से सामुदायिक स्तर जन जागरूकता फैलाते हुए फाइलेरिया को जड़ से खत्म करने की मुहिम को मजबूत बनाया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिले में लगातार मजबूत हो फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम<br &sol;>सिविल सर्जन विधानचंद्र सिंह ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में जिला निरंतर तरक्की कर रहा है। बीते दिनों फाइलेरिया मरीजों की खोज के लिये जिले में संचालित नाइट ब्लड सर्वे के दौरान जिले में फाइलेरिया के महज दो नये मरीज मिले। निर्धारित सर्वे के दौरान किसी साइट पर एक प्रतिशत मरीज नहीं मिले। इस कारण जिले में प्रस्तावित सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम भी टल गया। जो नि&colon;संदेह फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी कामयाबी है।<&sol;p>&NewLine;

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