जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम पर पुलिस अधिकारीयों एवं कर्मियों का उन्मुखीकरण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> सराय थाना परिसर&comma; पटना में जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम एवं संवेंदनशीलता पर पुलिस अधिकारीयों एवं कर्मियों का सहयोगी संस्था द्वारा उन्मुखीकरण किया गया&period; कार्यक्रम में लगभग 80 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया&period; कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस एवं समुदाय को लैंगिक समानता और जेंडर आधारित हिंसा के प्रति संवेदनशील बनाना&comma; महिलाओं एवं किशोरियों के मन में व्याप्त डर को कम करना तथा थाना स्तर पर एक सुरक्षित एवं भरोसेमंद वातावरण विकसित करना था&period; कार्यक्रम में पुलिस अधिकारीयों एवं कर्मियों के साथ पंचायत प्रतिनिधि एवं किशोरियां शामिल रहीं&period; कार्यक्रम में पुलिस&comma; पंचायत प्रतिनिधियों एवं समुदाय के बीच आपसी संवाद और समन्वय को मजबूत करने पर फोकस किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सहयोगी संस्था की प्रतिनिधि रजनी द्वारा कार्यक्रम का उद्देश्य एवं एवं पुलिस एवं समुदाय की साझा जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला&period; उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं किशोरियों के मन से थाना के प्रति भय और झिझक को दूर करना जरुरी है ताकि वह बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएँ पुलिस के सामने रख सकें&period; सराय थाना के थानाध्यक्ष रामानुज कुमार ने कहा कि थाना का माहौल अब पहले जैसा नहीं है&period; उन्होंने कहा कि संकोच मत करिए&comma; हमारे यहाँ महिला कोषांग है और आप सभी बिना भय के अपनी बात रख सकती हैं&period; हम आम नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए हैं और महिलाओं एवं किशोरियों को किसी भी समस्या की स्थिति में बिना भय के पुलिस से संपर्क करना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पुलिस अवर निरीक्षक मनोज पासवान ने महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा&comma; उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने तथा शिकायतों के समाधान में पुलिस की भूमिका पर अपने विचार साझा किए&period; उन्होंने समुदाय के लोगों से अपील की कि वह किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की घटना को छिपाने के बजाय समय पर पुलिस को सूचित करें&period; उर्मिला कुमारी ने इस अवसर पर कहा कि बदलाव तो आया है लेकिन प्रतिशत अभी भी बहुत कम है&period; आज भी महिलाओं और किशोरियों पर रोक लगाया जाता है&period; कार्यक्रम में महिला सिपाही पूजा कुमारी ने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया कि वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने में संकोच नहीं करें&period; कार्यक्रम में और महिला सिपाहियों ने अपनी बात रखी और सामाजिक समानता की जरूरत पर बल दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों एवं समुदाय के सदस्यों को भी महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अपनी सक्रीय भूमिका निभाने के लिए प्रर्तित किया गया&period; समुदाय से आयी कई किशोरियों ने भी कार्यक्रम में अपनी बात रखी&period;कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने आपस में सहमती जतायी कि महिलाओं एवं किशोरियों के लिए सुरक्षित वातावरण का निर्माण पुलिस&comma; पंचायत&comma; परिवार और समुदाय के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।<&sol;p>&NewLine;

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