‘बाघ सखा टी-शर्ट पेंटिंग प्रतियोगिता’ का आयोजन

&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&lpar;अजित यादव&rpar;&colon;<&sol;strong> मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन सोसाइटी बाघ संरक्षण &lpar; भोपाल &rpar; एवं यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में बाघों के संरक्षण एवं इस के प्रति आम जनता को  जागरूक करने  के उद्देश्य से &OpenCurlyQuote;बाघ सखा टी &&num;8211&semi; शर्ट पेंटिंग प्रतियोगिता’ का आयोजन &OpenCurlyQuote;यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया &comma;पाटलिपुत्र इकाई के सहयोग से कोरोना गाईड लाइन के तहत &comma;फाउंडेशन स्कूल&comma;फुलवारीशरीफ में किया गया &vert; इस फाउंडेशन स्कूल के 50  से अधिक छात्र शामिल हुए &vert; इस में नवम वर्ग की शांभवी &comma;दशम वर्ग की गीतांजली&comma;सप्तम वर्ग की शौर्य और चतुर्थ वर्ग की बैष्णवी को क्रमशः प्रथम&comma;द्वतीय &comma;तृतीय एवं चतुथ पुरस्कार मिला है &vert; पुरस्कारों का वितरण स्कूल के निदेशक प्रदीप कुमार मिश्र&comma;राजेश्वर मिश्र और &OpenCurlyQuote;यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया &comma;बिहार स्टेट ब्रांच के उपाध्यक्ष सुधीर मधुकर ने संयुक्त रूप से किया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>निदेशक श्री मिश्र ने अपने संबोधन कहा कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य बाघों का संरक्षण और इसकी प्रजाती को विलुप्त होने से बचाने के लिए जागरूकता लाना है &vert; राजेश्वर मिश्र ने कहा पर्यावरण संतुलन के लिए बाघों के साथ-साथ सभी जीव प्राणियों का संरक्षण जरुरी है &vert; बिहार एशोसियेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष सुधीर मधुकर ने कहा कि इस साल अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस का विषय है &&num;8220&semi;उनका जीवन रक्षा हमारे हाथों में है” &vert;  साल 2010 में भारत में बाघों की संख्या 1700 के करीब पहुंच गई थी &vert;  जिसके बाद लोगों में बाघों के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए साल 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में एक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया &vert;  जिसमें हर साल अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाए जाने की घोषणा की गई &vert;  इस सम्मेलन में कई देशों ने 2022 तक बाघों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है&period; इस सफल आयोजन के लिए बिहार प्रदेश एशोसियेशन के अध्यक्ष मोहन कुमार&comma;चेयरमैन केएन भरत&comma;उपाध्यक्ष रीता कुमारी सिंह &comma; शरत शलारपुरिया&comma;सचिव एके बोस&comma;प्रियेश रंजन&comma;प्रमोद दत्त&comma;डॉ&period;ध्रुव कुमार &comma;रतन कुमार मिश्र&comma; रामनरेश ठाकुर &comma;संजीव कुमार जवाहर आदि ने सफल प्रतियोगियों को बधाई और शुभकामाना दिया है।<&sol;p>&NewLine;

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