गांधी जयंती के पूर्व संध्या पर परिचर्चा सह सम्मान समारोह का आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&comma; न्यूज क्राइम 24।<&sol;mark><&sol;strong> राजधानी पटना के आशियाना नगर स्थित लोकसभा के पूर्व सांसद एवं गांधीवादी विचारक पद्मश्री रामजी सिंह के आवास पर मानवाधिकार संरक्षण को समर्पित संस्था मानवाधिकार टुडे द्वारा दो सत्रों में परिचर्चा सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र में &&num;8216&semi;गांधीवाद और मानवाधिकार&&num;8217&semi; विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। समारोह का उदघाटन पद्मश्री डॉ रामजी सिंह&comma; प्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ जितेंद्र कुमार सिंह और वरिष्ठ पत्रकार डॉ शशि भूषण कुमार ने किया। गांधीवादी विचारक व पूर्व लोकसभा सांसद पद्मश्री डॉ रामजी सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गांधी अहिंसा व सत्य के प्रतीक है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गांधीवाद में समस्त समस्याओं का समाधन निहित है। उन्होंने आगे कहा कि गांधी जी जीवन में स्वच्छता को अतिमहत्वपूर्ण मानते थे और स्वच्छता के संबंध में उनका विचार था कि स्वच्छता का अभिप्राय सिर्फ मकान-गली- मुहल्लों-सड़कों की गंदगी को दूर करने से नहीं है&comma; बल्कि इसका संबंध वैचारिक स्वच्छता से भी है। हमें बाहरी स्वच्छता के साथ-साथ आंतरिक स्वच्छता पर भी बल देना चाहिए। पद्मश्री डॉ जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी का भारत को स्वतंत्रता दिलाने में अतिमहत्वपूर्ण योगदान रहा है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने आगे कहा कि गांधी जी ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान निरंकुश ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध सत्याग्रह&comma; अहिंसा और जनजागरूकता को अपने हथियार के रूप में प्रयोग किया। हमें उनके विचारों का अनुसरण करना चाहिए। मानवाधिकार पत्रकारिता के संवाहक डॉ शशि भूषण कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी मानवतावादी व लोकतांत्रिक विचारक थे। उनका विचार था कि लोकतंत्र तभी सशक्त हो सकता है जब स्थानीय लोगों की भागदारी शासन व्यवस्था में हो। इनके प्रति समादर दिखाते हुए संविधान सभा ने संविधान के भाग 4 के अंतर्गत उपबंधित अनुच्छेद 40 में ग्राम पंचायत का उपबंध किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> उन्होंने कहा कि गांधी जी ग्राम स्वराज्य के प्रबल समर्थक थे। समारोह में उपस्थित मानव अधिकार कार्यकर्ता अमित कुमार &&num;8216&semi;विश्वास&&num;8217&semi; ने कहा कि संपूर्ण गांधीवाद &&num;8216&semi;गांधी&&num;8217&semi; शब्द के छः अक्षरों में समाहित है। गांधीवाद के अनुसार&comma; गांधीवादी वही है जो उदारवादी दृष्टिकोण का समर्थक हो&comma; जो जवाबदेयता से परिपूर्ण व्यक्तित्व का धनी हो&comma; जो अहिंसावादी विचारक हो&comma; जिसमें साहस हो&comma; जो मानवतावादी विचार का हिमायती हो और जो बौद्धिक हो। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समारोह के दूसरे सत्र में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाले प्रतिभावान व्यक्तित्व को सम्मानित किया गया। समारोह में मंच संचालन कुंदन कृष्णा और धन्यवाद ज्ञापन रतन कुमार ने दिया। इस सारस्वत समारोह में सर्वोदय शर्मा&comma; रौशन कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित हुए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सम्मान समारोह के दूसरे सत्र में इन प्रतिभावान व्यक्तित्व को गांधी नेशनल अचीवर्स अवार्ड -2023 से सम्मानित किया गया<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ पूनम आनंद साहित्य डॉ एम&period; के सिंह चिकित्सा प्रोफेसर रंजन कुमार समाज सेवा श्री त्रिवेणी कुमार शिक्षा श्री राजेश कुमार शिक्षा श्रीमती ऋचा रंजन कला श्रीमती शक्ति प्रिया पत्रकारिता श्री पंकज कुमार सिंह शिक्षा व समाज सेवा श्री शत्रुघ्न चौरसिया उद्यमिता श्रीमती अर्चना कुमारीशिक्षा<br>श्री रतन कुमार पत्रकारिता&comma; श्री चंद्र प्रकाश मधुकर उद्यमिता<&sol;p>&NewLine;

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