विज्ञान दिवस के अवसर पर नोबल एकेडमी के दो बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> विज्ञान दिवस के अवसर पर आज सोमवार को नोवल अकैडमी के दिव्यांशु कक्षा -03 और रिया कक्षा-05 ने एक अद्भुत और नई सोच के साथ अपनी प्रतिभा दिखाई। इन दोनों बच्चों ने एक प्रोजेक्ट पेश किया&comma;जिसमें उन्होंने अपने प्रोजेक्ट के तहत &&num;8216&semi;आर्टिफिशियल आई&&num;8217&semi; &lpar;कृत्रिम आंख&rpar;&comma;जो ऐसे किसी इंसान&comma;जिनकी दृष्टि जन्म से या किसी दुर्घटनावश देखने की क्षमता खो देती है&comma; उसे यह एक छोटा सा उपकरण लगाकर पुनः देखने की क्षमता प्रदान करेगा। इन छोटे बच्चों की सोच बहुत बड़ी है&comma;जो किसी अंधे व्यक्ति को फिर से उनकी आंखों की रोशनी दे सकती है। इस प्रोजेक्ट को देखते हुए यहां के निदेशक नरेंद्र झा ने कहा ऐसी सोच और ऐसे तकनीक को जल्द से जल्द लेकर आगे आना चाहिए&comma; जिससे कि एक दृष्टिहीन व्यक्ति की आंखों के रोशनी आ सकती है। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक ज्योति सिंह जो खुद भी विज्ञान के क्षेत्र में विभिन्न स्कूलों में अपना योगदान दे चुके हैं&comma; उन्होंने कहा के इन छोटे-छोटे बच्चे जो अभी ऐसी सोच रखते हैं वह आगे चलकर अपना और हमारे स्कूल के साथ ही समाज का नाम जरूर रोशन करेंगे और ऐसे बच्चों लेकर हमारी एक अलग ही सोच होती है और हमारा स्कूल हमेशा इस तरह का आयोजन करता रहेगा। कार्यक्रम में स्कूल के सभी शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;

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