महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर नन्हे मुन्नों ने शिव पार्वती भुत बैताल के धरे रूप 

<p><strong>फुलवारीशरीफ&lpar;अजित यादव&rpar;&colon;<&sol;strong> महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर नन्हे मुन्नों ने शिव शंकर पार्वती भूत बैताल पिशाच के ऐसे सजीव रूप धर लोगों का खूब मनोरंजन किया । नन्हे मुन्नों के आकर्षक वेश भूषा देख लगा सम्पत चक बैरिया के प्रेमालोक लोक मिशन स्कूल परिसर में साक्षात कैलाश पर्वत ही उतर आया हो । स्कूली बच्चों ने भगवान भोले शंकर एवं माता पार्वती गणेश के ऊपर एक-से-बढकर एक भक्ति गीत प्रस्तुत किए&period;<&sol;p>&NewLine;<p>निदेशक गुरु प्रेम ने कहा की महाशिवरात्रि का दिन बेहद ही खास होता है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। वैसे तो हर महीने शिवरात्रि आती है लेकिन फाल्गुन मास की चतुर्दशी को आने वाली महाशिवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन की रात का पर्व है। शिवरात्रि जब गुरूवार को पड़े तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे एश्वर्य योग भी कहा जाता है&period; इसी दिन शिव और सिद्ध योग के अलावा श्रीवत्स और सौम्य योग भी है&comma; जो कि अत्यंत शुभ फलदायी है।<&sol;p>&NewLine;

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