ईएसआईसी आदर्श अस्पताल में राजभाषा पखवाड़ा का समापन, हिन्दी में कार्यालय कार्य करने पर जोर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत। <&sol;strong>कर्मचारी राज्य बीमा निगम आदर्श अस्पताल&comma; फुलवारी शरीफ&comma; पटना में राजभाषा पखवाड़ा का समापन समारोह आयोजित किया गया&period; समारोह की अध्यक्षता अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ&period; सनोज कुमार ने की&comma; जबकि मुख्य अतिथि के रूप में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी परिषद&comma; भारत के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव मौजूद रहे&period; समारोह का शुभारंभ चिकित्सा अधीक्षक&comma; मुख्य अतिथि और मंचस्थ अतिथियों ने पंचदीप प्रज्ज्वलित कर किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान डॉ&period; सनोज कुमार ने गृह मंत्री&comma; भारत सरकार का संदेश पढ़कर सुनाया&period; उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ&period; सुजीत कुमार चौधरी ने श्रम मंत्री&comma; भारत सरकार का संदेश वाचन किया&period; सहायक निदेशक &lpar;वित्त&rpar; दीपक कुमार ने श्रम सचिव&comma; भारत सरकार का संदेश पढ़ा&comma; जबकि उप निदेशक एवं राजभाषा प्रभारी उमेश प्रसाद ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम के महानिदेशक का संदेश वाचन किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्य अतिथि वीरेंद्र कुमार यादव ने अपने संबोधन में राजभाषा हिन्दी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला&period; उन्होंने राजभाषा नियमों और अधिनियम से जुड़े विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए अस्पताल में पदस्थ अधिकारियों&comma; चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालय के कार्यों में हिन्दी के अधिक से अधिक प्रयोग की अपील की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अध्यक्षीय संबोधन में चिकित्सा अधीक्षक डॉ&period; सनोज कुमार ने भी अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयीन कार्य हिन्दी में करने का आह्वान किया&period; उन्होंने कर्मचारी राज्य बीमा निगम आदर्श अस्पताल को लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया&period; कार्यक्रम में उमेश प्रसाद&comma; डॉ&period; सुजीत कुमार चौधरी और दीपक कुमार ने भी हिन्दी भाषा के महत्व पर अपने विचार रखे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समारोह के दूसरे सत्र में राजभाषा पखवाड़ा के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के सफल प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि और अध्यक्ष ने पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए&period; प्रधान निजी सचिव अनिल कुमार ने हास्य कविता प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया&period; समारोह का संचालन भी अनिल कुमार ने किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के आयोजन में वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी शिवशंकर सिंह और कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी नवीन कुमार यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही&period; पूरे पखवाड़े और समापन समारोह को सफल बनाने में अस्पताल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहयोग किया&period; समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ&period;मुख्य अतिथि वीरेन्द्र कुमार यादव ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि हिंदी को आज साहित्य से आगे ले जाने की आवश्यकता है। हिंदी को ज्ञान ही नहीं&comma; विज्ञान की भाषा&comma; शासन और प्रशासन की भाषा&comma; न्याय और न्यायालय की भाषा बनाने की आवश्यकता है&comma; तभी भारत के आंगन मे नवान्न का उत्सव होगा और हिंदी की तुलसीदल पल्लवित होंगे।<&sol;p>&NewLine;

Related posts

मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ से परसा संपतचक तक बनेगा नया डाउन रैंप, 82.25 करोड़ की मिली प्रशासनिक मंजूरी

एम्स के पास जंगल से लापता युवक का शव बरामद, परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप

मुर्गा काटने वाले चाकू से युवती पर जानलेवा हमला, सीसीटीवी फुटेज आया सामने