पदाधिकारीगण अंतर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करें : डीएम

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> जिलाधिकारी&comma; पटना डॉ&period; चन्द्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय समिति की बैठक हुई। इसमें विभिन्न विभागों यथा ग्रामीण विकास&comma; राजस्व&comma; कल्याण&comma; पंचायती राज&comma; आईसीडीएस&comma; शिक्षा&comma; स्वास्थ्य&comma; उद्योग&comma; अल्पसंख्यक कल्याण&comma; श्रम&comma; जीविका&comma; पथ निर्माण&comma; विद्युत&comma; लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण&comma; नगर विकास&comma; स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन&comma; मत्स्य&comma; जल संसाधन&comma; कृषि&comma; सामाजिक सुरक्षा&comma; समाज कल्याण&comma; खेल सहित अन्य विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीएम डॉ&period; सिंह ने कहा कि अधिकारीगण स्व-उतरदायित्व एवं स्व-अनुशासन की भावना से काम करें। सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी यह सुनिश्चित करंे कि आम जनता को अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालयों का दौर न लगाना पड़े। छोटे-छोटे कार्यों को लेकर भी लोगों को जिला मुख्यालय एवं अनुमंडल मुख्यालयों में न आना पडे़ यह क्षेत्रों में पदस्थापित अधिकारीगण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए हर स्तर पर पदाधिकारियों को रिस्पाँसिव होना पड़ेगा। कार्य-संस्कृति को सुदृढ़ रखना होगा। इसके लिए कार्यालयों में सभी कर्मियों तथा अधिकारियों की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीएम डॉ&period; सिंह ने कहा कि सरकार के लोक कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग एवं तत्पर रहें। आवश्यकतानुसार अन्तर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित कर योजनाओं को ससमय एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। विकसित बिहार के सात निश्चय एवं अत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय के तहत योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएँ। भूमि उपलब्धता हेतु अपर समाहर्ता के साथ समन्वय करें। प्रत्येक पंचायत में खेल का मैदान&comma; पंचायत सरकार भवन&comma; सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड&comma; अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के शौक्षणिक उत्थान के लिए विद्यालय भवनों एवं छात्रावासों का निर्माण सहित अन्य सभी मामले&comma; जिसमें जमीन खोजा जा रहा है&comma; के बारे में राजस्व विभाग के पदाधिकारियों से समन्वय कर तेजी लाएँ। जो भी योजनाएँ प्रगति पर हैं उसे ससमय पूर्ण करें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीएम डॉ&period; सिंह ने नोडल अफ़सर&comma; डीआरसीसी को निदेश दिया कि &OpenCurlyQuote;&OpenCurlyQuote;आर्थिक हल&comma; युवाओं को बल’’ अंतर्गत बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड&comma; मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता योजना तथा कुशल युवा कार्यक्रम का लाभ प्रावधानों के अनुसार युवाओं को मिले&comma; यह सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत दिनांक 01&period;04&period;2024 से अद्यतन कुल 8&comma;045 प्राप्त आवेदनों में से 4&comma;563 को स्वीकृति प्रदान की गई है&comma; 3&comma;109 प्रक्रियाधीन है एवं 373 को अर्हता पूरी नहीं करने कारण अस्वीकृत किया गया है। 4&comma;569 आवेदनों का निष्पादन करते हुए 62&period;84 करोड़ रुपये की राशि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत वितरित की गई है। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना अंतर्गत कुल 1&comma;880 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 10 को अस्वीकृत एवं 1&comma;846 को स्वीकृत किया गया है। 24 प्रक्रियाधीन है। 1&comma;905 युवाओं के बीच 310&period;09 लाख रुपया की राशि का भत्ता भुगतान किया गया। कुशल युवा कार्यक्रम अंतर्गत 6&comma;675 आवेदकों को प्रशिक्षित किया गया तथा 5&comma;048 युवा अभी प्रशिक्षणरत हैं। पटना जिला में कुल 85 कौशल विकास केंद्र संचालित हैं। डीएम डॉ सिंह ने निर्देश दिया कि लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि सुनिश्चित करें&comma; लंबित आवेदनों का त्वरित गति से निष्पादन करें तथा युवाओं तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। उप विकास आयुक्त&comma; पटना को इसका अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हर घर नल का जल योजना के तहत लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा 6&comma;78&comma;171 घरों के लक्ष्य के विरूद्ध 6&comma;54&comma;800 घरों को तथा नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा 1&comma;20&comma;557 घरों के लक्ष्य के विरूद्ध 1&comma;07&comma;817 घरों को आच्छादित किया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>घर तक पक्की गली नालियाँ योजना के तहत पंचायती राज विभाग द्वारा कुल लक्ष्य 4&comma;354 वार्ड एवं 6&comma;85&comma;873 घरों के विरूद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली गई है। सर्वेक्षण के उपरांत छूटे हुए 2&comma;122 बसावटों एवं 594 घरों में से 1&comma;152 बसावटों तथा 392 घरों में कार्य पूर्ण हो गया है। अवशेष वार्ड एवं घरों में मार्च&comma; 2025 तक कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसी योजना के तहत नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा कुल लक्ष्य 305 वार्ड एवं 60&comma;075 घरों के विरूद्ध 245 वार्ड तथा 38&comma;716 घरों में योजना को पूर्ण कर लिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हर घर नल का जल-अनुरक्षण की समीक्षा में पाया गया कि हर घर नल का जल &lpar;ग्रामीण&rpar; योजना के तहत लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा 4&comma;354 लक्षित वार्डों में से 4&comma;323 वार्डों में कार्य पूर्ण है तथा क्रियाशील वार्डों की संख्या 4&comma;298 है। हर घर नल का जल &lpar;शहरी&rpar; योजना के तहत नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा 371 लक्षित वार्डों में से 361 वार्डों में कार्य पूर्ण है तथा क्रियाशील वार्डों की संख्या 330 है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाईट योजना की समीक्षा में पाया गया कि कुल लक्ष्य 3&comma;053 वार्ड तथा 33&comma;948 सोलर स्ट्रीट लाईट के अधिष्ठापन के विरूद्ध उपलब्धि 2&comma;182 वार्ड तथा 16&comma;807 सोलर स्ट्रीट लाईट है। जिलाधिकारी द्वारा जिला पंचायत राज पदाधिकारी को मार्च&comma; 2025 तक निर्गत लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कराने तथा उप विकास आयुक्त को अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हर खेत तक सिंचाई का पानी की समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि कुल लक्ष्य 335 योजनाओं के विरूद्ध 254 में कार्य प्रारंभ है तथा 107 योजनाओं में कार्य पूर्ण है। पूर्ण कार्य का समतुल्य कमांड क्षेत्र 22&comma;367 हेक्टेयर है। कृषि फीडर निर्माण के लिए निर्धारित लक्ष्य 119 के विरूद्ध 86 फीडर का निर्माण कर लिया गया है। मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंद्ध योजना के अंतर्गत 18&comma;615 के लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धि 13&comma;195 है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी द्वारा पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि कुल लक्ष्य 309 के विरूद्ध निर्मित एवं संचालित पंचायत सरकार भवनों की संख्या 57 है। शेष 252 ग्राम पंचायतों में से 112 ग्राम पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का निर्माण प्रक्रियाधीन है। 93 ग्राम पंचायतों में पंचायत सरकार भवन निर्माण हेतु भूमि का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है। 38 ग्राम पंचायतों में भूमि का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। डीएम डॉ&period; सिंह ने जिला पंचायत राज पदाधिकारी को निदेश दिया कि पंचायत सरकार भवनों के निर्माण का नियमित पर्यवेक्षण करें। समय से कार्य पूर्ण करायें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रत्येक ग्राम पंचायत&sol;नगर पंचायत में खेल-कूद को बढ़ावा देने हेतु स्पोर्ट्स क्लब का गठन किया जाना है। 309 ग्राम पंचायतों तथा 5 नगर पंचायतों कुल 314 के लक्ष्य के विरूद्ध 89 स्पोर्ट्स क्लब का गठन किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों तथा नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को इसके गठन में तेजी लाने का निदेश दिया गया। जिला खेल पदाधिकारी को सभी संबंधित पदाधिकारियों से समन्वय कर कार्यों में प्रगति लाने तथा उप विकास आयुक्त&comma; पटना को अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल का मैदान बनाया जाना है। 177 पंचायतों में मैदान का निर्माण कार्य प्रारंभ है। जिलाधिकारी द्वारा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को खेल मैदान के निर्माण में तेजी लाने का निदेश दिया गया। जिला खेल पदाधिकारी को सभी संबंधित पदाधिकारियों से समन्वय कर कार्यों में प्रगति लाने तथा उप विकास आयुक्त&comma; पटना को अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना अंतर्गत कुल लक्ष्य 2&comma;014 के विरुद्ध लाभुकों की संख्या 1&comma;938 है। 1&comma;385 उत्पादन इकाइयों को संचालित किया जा रहा है। डीएम डॉ&period; सिंह ने महाप्रबंधक&comma; जिला उद्योग केन्द्र को निदेश दिया कि मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना&comma; मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति&sol;जनजाति उद्यमी योजना&comma; मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना&comma; मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना एवं मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना का विभाग के निर्देशों के अनुरूप बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करें। लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाएँ। लाभुकों को प्रथम&comma; द्वितीय एवं तृतीय किस्त का भुगतान नियमानुसार ससमय करें। बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत कुल लक्ष्य 1&comma;602 के विरूद्ध उपलब्धि 1&comma;397 है। उच्चतर शिक्षा हेतु महिलाओं को प्रोत्साहन प्रदान करने के तहत मुख्यमंत्री बालिका &lpar;इंटरमीडिएट&rpar; प्रोत्साहन योजना के तहत कुल लक्ष्य 29&comma;322 के विरूद्ध लाभुकों की संख्या 27&comma;615 है जिसके तहत लगभग 70 करोड़ रुपया की राशि वितरित की गई है। टेलीमेडिसीन के माध्यम से जिले के कुल 488 स्वास्थ्य उप केन्द्रों में से 364 उप केन्द्र जुड़े हुए हैं तथा 3&comma;04&comma;660 मरीजों को परामर्श दी गई है। सभी प्रखंडों में पशु चिकित्सा सेवाओं की डोर स्टेप डिलीवरी सेवा प्रारंभ है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 5 एकड़ से बड़े 33 तालाबों&sol;पोखरों तथा 5 एकड़ से छोटे 416 तालाबों&sol;पोखरों का जीर्णोद्धार किया गया है। लक्ष्य क्रमशः 42 एवं 466 है। सार्वजनिक कुँओं को चिन्हित कर जीर्णोद्धार करने का लक्ष्य 2&comma;361 के विरूद्ध उपलब्धि 2&comma;248 है। कुल लक्ष्य 974 के विरूद्ध 925 नए जल स्रोतों का सृजन किया गया है। अतिक्रमणमुक्त कराने हेतु 1&comma;107 के लक्ष्य के विरूद्ध 1&comma;074 जल संचयन संरचनाओं को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीएम डॉ&period; सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया कि उच्चतर शिक्षा हेतु महिलाओं को प्रोत्साहित करने की योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन करें। मुख्यमंत्री बालिका &lpar;इंटरमीडिएट&rpar; प्रोत्साहन योजना&comma; मुख्यमंत्री बालिका &lpar;स्नातक&rpar; प्रोत्साहन योजना सहित शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं का लाभ प्रावधानों के अनुसार छात्र-छात्राओं को मिले यह सुनिश्चित करें। निदेशालय के डीबीटी कोषांग से समन्वय कर लाभुकों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित कराएँ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीएम डॉ सिंह ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक&comma; जीविका को स्वयं सहायता समूह की गतिविधियों यथा कृषि कार्य&comma; पशुपालन कार्य इत्यादि पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीएम डॉ&period; सिंह ने उप विकास आयुक्त को सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति का अनुश्रवण करने का निदेश दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीएम डॉ&period; सिंह ने कहा कि जनहित के मामलों में सभी पदाधिकारी सजग एवं तत्पर रहें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस बैठक में उप विकास आयुक्त&comma; सिविल सर्जन&comma; अपर समाहर्ता&comma; अपर समाहर्ता आपूर्ति&comma; विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी&comma; जिला पंचायत राज पदाधिकारी&comma; जिला कल्याण पदाधिकारी&comma; जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस&comma; जिला शिक्षा पदाधिकारी&comma; जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी&comma; महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र&comma; श्रम अधीक्षक&comma; जिला कार्यक्रम प्रबंधक जीविका&comma; तकनीकी विभागों के अभियंतागण एवं अन्य भी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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