कोरोना काल के दौरान भी गृह भ्रमण के दौरान लाभुकों को दी जाती थीं पोषण से संबंधित जानकारियां: डीपीओ

&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list"><li>प्रसव पूर्व देखभाल&comma; गर्भवती एवं धातृ महिलाओं के बेहतर पोषण के लिए किया जा रहा है जागरूकता&colon; निधि<&sol;li><li>पोषक क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को पोषण युक्त आहार लेने के लिए किया जा रहा है जागरूक&colon; सीडीपीओ<&sol;li><li>जिले में पोषण माह की हो चुकी है शुरुआत&comma; चरणबद्ध तरीके से आयोजित होंगी विभिन्न तरह की गतिविधियां<&sol;li><&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> प्रत्येक वर्ष सितंबर महीने में राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाता है हैं। जिसके तहत विभिन्न तरह की गतिविधियों का भी आयोजन किया जाता है। ताकि कुपोषण के खिलाफ स्थानीय लोगों को जागरूक किया जा सके। पूरे एक महीने तक चरणबद्ध तरीक़े से पेंटिंग&comma; रंगोली&comma; वृक्षारोपण&comma; पोषण संदेश&comma; हाथ धुलाई कार्यक्रम के साथ ही पोषण से संबंधित जानकारी एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसके पहले चरण के दौरान एक से 15 सितंबर तक निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें ज़िले के सभी 3425 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से आंगनबाड़ी सेविका&comma; आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम के साथ समन्वय स्थापित कर अपने-अपने आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषक क्षेत्र अंतर्गत 0 से 06 वर्ष तक के सभी बच्चों का वजन&comma; लंबाई और ऊंचाई की माप की जानी है। जिससे बच्चों के पोषण स्तर के अनुसार सामान्य&comma; कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों की पहचान की जा सके। गुरुवार को भी जिले विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर कई तरह की गतिविधियों का आयोजन किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कोरोना काल के दौरान भी गृह भ्रमण के दौरान लाभुकों को दी जाती थीं पोषण से संबंधित जानकारियां&colon; डीपीओ<&sol;strong><br>आईसीडीएस की डीपीओ राखी कुमारी ने बताया जिले में पोषण अभियान को लेकर पूर्व की अपेक्षा लोगों में काफ़ी जागरूकता बढ़ी है। लेकिन अभी भी लोग पूरी तरह जागरूक नहीं हुए है। इसके लिए पोषक क्षेत्र के अंतर्गत कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी गृह भ्रमण के दौरान लाभुकों को पोषण से संबंधित जानकारियां दी जाती रही है। ताकि&comma; लोग पोषण को लेकर जागरूक हो सकें। हालांकि इस बार समाज कल्याण विभाग के &lpar;आईसीडीएस&rpar; के दिशा-निर्देश पर &OpenCurlyDoubleQuote;कुपोषण छोड़ पोषण की ओर&comma; थामें स्थानीय भोजन की डोर” की थीम पर आयोजित किया गया है। जिसके तहत परियोजना कार्यालय व प्रखण्ड कार्यालय परिसर में पोषण परामर्श केंद्र का संचालन किया जाएगा। इस दौरान आंगनबाड़ी सेविका&sol;सहायिका&comma; आशा कार्यकर्ता&comma; एएनएम&comma; ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति &lpar;वीएचएस एनसी&rpar; के सदस्यों&comma; शिक्षकों&comma; विकास मित्र&comma; जीविका समूह के सदस्यों द्वारा स्थानीय वयस्क निवासियों के सहयोग से पोषण अभियान से संबंधित जागरूकता रैली का भी आयोजन किया जाना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>प्रसव पूर्व देखभाल&comma; गर्भवती एवं धातृ महिलाओं के बेहतर पोषण के लिए किया जा रहा है जागरूकता&colon; निधि<&sol;strong><br>राष्ट्रीय पोषण अभियान की ज़िला समन्वयक निधि प्रिया ने बताया 08 से 15 सितंबर के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल&comma; गर्भवती एवं धातृ महिलाओं के बेहतर पोषण के लिए योगाभ्यास व आयुष अभ्यास के साथ ही जन जागरूकता अभियान के चलाया जाएगा। क्योंकि अधिक से अधिक एक दर्जन स्कूली बच्चों के साथ विभिन्न विद्यालयों में पोषण कक्षा का संचालन एवं चेतना सत्र के दौरान पोषण से संबंधित अंताक्षरी का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 16 से 23 सितंबर के दौरान जिला स्तर पर पोषण संबंधी समन्वय समिति की बैठक एवं पोषण पंचायत का आयोजन किया जाएगा। वहीं&comma; 24 से 30 सितंबर तक स्थानीय बाजार में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के द्वारा स्थानीय भोजनालयों&comma; खाद्य सामग्रियों की दुकानों में पोषण सुरक्षा मानकों की जांच और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर रेफ़रल अस्पताल भेजने का अभियान चलाया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पोषक क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को पोषण युक्त आहार लेने के लिए किया जा रहा है जागरूक&colon; सीडीपीओ<&sol;strong><br>पूर्णिया पूर्व प्रखंड के सीडीपीओ राजेश रंजन ने बताया 01 से 07 सितंबर के दौरान शहरी क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण काल को लेकर स्वच्छता के लिए जागरूकता अभियान एवं अन्य समितियों की बैठक में पोषण पर चर्चा के साथ ही स्थानीय स्तर पर पोषण से संबंधित संदेशों का प्रचार-प्रसार किया गया। साथ ही पोषक क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले सभी आंगनबाड़ी केंद्रों&comma; विद्यालय एवं स्थानीय स्तर पर पौधरोपण कर पोषण वाटिका का निर्माण कराया गया है। वहीं पोषक क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को पोषण युक्त आहार लेने के लिए प्रेरित करने के लिए स्लोगन लेखन प्रतियोगिता&comma; आंगनबाड़ी केंद्रों पर एनीमिया पर जागरूकता के लिए सेल्फी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है।<&sol;p>&NewLine;

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