जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 09 से 23 मार्च तक पोषण पखवाड़े का होगा आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> à¤†à¤‚गनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जिले के सभी लोगों को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए समेकित बाल विकास परियोजना &lpar;आईसीडीएस&rpar; द्वारा 09 मार्च से 23 मार्च तक जिले के सभी प्रखंडों में पोषण पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय लोगों को विभिन्न कार्यक्रम में माध्यम से गर्भवती&comma; धात्री महिलाओं&comma; किशोर-किशोरियों और 06 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को विभिन्न गतिविधियों द्वारा सुदृढ़ रखने की आवश्यकता जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पखवाड़े के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के सफल संचालन सुनिश्चित करने के लिए आईसीडीएस द्वारा स्वास्थ्य&comma; शिक्षा&comma; जीविका&comma; पंचायती राज अधिकारियों के साथ जिला स्तरीय बैठक का आयोजन अर्जुन भवन सभागार&comma; समाहरणालय में किया गया। आयोजित बैठक में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ आर पी मंडल&comma; राष्ट्रीय पोषण अभियान की जिला समन्यवक निधि प्रिया&comma; परियोजना सहायक सुधांशु कुमार&comma; कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ वैज्ञानिक और प्रमुख डॉ आशीष सिंह&comma; यूनिसेफ जिला पोषण समन्यवक निधि भारती&comma; पिरामल फाउंडेशन प्रोग्राम लीड शोमैन अधिकारी&comma; जीपीएसभीएस जिला कंसल्टेंट रूठ सुब्बा के साथ सभी प्रखंड के सीडीपीओ अधिकारी उपस्थित रहे। इस साल पोषण पखवाड़े का थीम &&num;8220&semi;पोषण भी&comma; पढ़ाई भी&&num;8221&semi; रखा जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पोषण पखवाड़े के द्वारा लोगों को स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए किया जाएगा जागरूक &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आयोजित बैठक में उपस्थित अधिकारियों को सम्बंधित करते हुए राष्ट्रीय पोषण अभियान की जिला समन्यवक निधि प्रिया ने बताया कि 09 मार्च से 23 मार्च तक जिले के सभी प्रखंडों में पोषण पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा जिस दौरान विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से लोगों को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत पोषण के साथ प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल&comma; 03 से 06 साल तक के बच्चों की शिक्षा के साथ उनके सर्वांगीण विकास के प्रति समुदाय को जागरूक किया जायेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> समुदाय को पोषण के प्रति जागरूक करते हुए पारंपरिक व स्थानीय आहार विविधता को अपनाने के लिये प्रेरित किया जायेगा। गर्भवती व धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ बच्चों के बेहतर के प्रति जागरूक किया जायेगा। इतना ही नहीं पखवाड़ा के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर वर्षा जल संचयन&comma; टिकाऊ खाद्य प्रणाली&comma; आयुष प्रथा के माध्यम से एनीमिया&comma; वाश व डायरिया प्रबंधन संबंधी उपायों के प्रति जागरूक किया जाना है। इसे ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाना है जिसमें स्वास्थ्य&comma; शिक्षा&comma; जीविका&comma; यूनिसेफ और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों द्वारा आवश्यक सहयोग किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन<&sol;strong> &colon;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पोषण अभियान के जिला परियोजना सहायक सुधांशु कुमार ने बताया कि पोषण पखवाड़ा के तहत जिला एवं प्रखंड स्तर से पोषण रैली&comma; प्रभात फैरी&comma; साइकिल रैली का आयोजन किया जायेगा। 11 मार्च को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल व शिक्षा विषय पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। 12 मार्च को प्रारंभिक बाल्यावस्था व शिक्षा विषय पर बच्चों के अभिभावकों व आम लोगों के साथ चौपाल का आयोजन किया जायेगा। इसी उद्देश्य को लेकर 11 मार्च को गृह भ्रमण कार्यक्रम निर्धारित है। इस दौरान प्रखंडों में बच्चों को प्राकृतिक व अनुपयोगी व स्वास्थ्य हितकर वस्तु से बच्चों को खेलने के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर मेला का आयोजन किया जायेगा। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>15 से 18 मार्च के बीच आंगनबाड़ी के स्तर से 0 से 06 साल के बच्चों के वजन&comma; ऊंचाई-लंबाई की माप कर कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर देखभाल संबंधी उचित परामर्श अभिभावकों को दी जायेगी। 19 मार्च को व्यापक पैमाने पर अन्नप्रशासन सह स्कूल पूर्व दिवस का आयोजन किया जायेगा। 20 मार्च को गृह भ्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं के प्रसव पूर्व&sol;पश्चात जांच&comma; देखभाल के साथ 0-2 वर्ष के बच्चों को स्तनपान व ऊपरी आहार कराने का परामर्श दिया जाएगा। 21 मार्च को आंगनवाड़ी केंद्र पर जीविका दीदियों के साथ बैठक आयोजित कर स्वास्थ्य&comma; पोषण एवं स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जायेगा। 22 मार्च को बिहार दिवस का आयोजन कर आंगनवाड़ी केंद्र और उसके आसपास के जगहों पर साफ सफाई आयोजित किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सामूहिक प्रयास से अभियान होगा सफल &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ आर पी मंडल ने बताया कि आईसीडीएस&comma; स्वास्थ्य&comma; जीविका&comma; ग्रामीण कार्य विभाग&comma; यूनिसेफ और कृषि विज्ञान केन्द्र सहित संबंधित अन्य संस्थाओं के आपसी समन्वय से निर्धारित कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये जरूरी पहल की जायेगी। पोषण पखवाड़ा के तहत मोटे अनाज के उपयोग का महत्व&comma; स्वास्थ्य&comma; पोषण&comma; स्वच्छता&comma; गर्भवती महिला व नवजात के बेहतर देखभाल&comma; टीकाकरण सहित संबंधित अन्य विषयों पर जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से समुदाय स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाना है।<&sol;p>&NewLine;

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