एनक्यूएएस कार्यक्रम : राज्यस्तरीय टीम ने की शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय&comma; भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के तीन स्तर पर प्रमाणीकरण के लिए लक्ष्य का निर्धारण किया गया है। जिसमें पहले चरण में कायाकल्प&comma; दूसरे चरण में लक्ष्य एवं तीसरे चरण में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक &lpar;एनक्यूएएस&rpar; प्रमाणीकरण योजना की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाती है। एनक्यूएएस कार्यक्रम के तहत मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी लेने के लिए राज्य स्तरीय टीम में शामिल पिरामल स्वास्थ्य के डॉ प्रवीर रंजन मोहराना और डॉ समित कुमार सरकार द्वारा जिले के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र&comma; पूर्णिया कोर्ट का निरक्षण किया गया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस दौरान अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की जांच करते हुए अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली गई। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी&comma; प्रमंडल कार्यक्रम प्रबंधक &lpar;आरपीएम&rpar; कैशर इकबाल&comma; जिला कार्यक्रम प्रबंधक &lpar;डीपीएम&rpar; सोरेंद्र कुमार दास&comma; डीसीक्यूए डॉ&period; अनिल कुमार शर्मा&comma; यूनिसेफ जिला समन्यवक शिवशेखर आनंद&comma; यूपीएचसी जिला कन्सलटेन्ट दिलनवाज&comma; यूपीएचसी पूर्णिया कोर्ट प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रतिभा कुमारी&comma; लेखपाल रविश भारती&comma; एएनएम रश्मि प्रभा&comma; एएनएम रश्मि कुमारी&comma; लैब टेक्नीशियन के साथ अस्पताल कर्मी अनुभा प्रसाद&comma; पूजा&comma; रूबी&comma; सिंटू&comma; पूनम और संतोष कुमार उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मरीजों के लिए स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध विभागीय सुविधाओं की ली गई जानकारी &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य स्तरीय टीम द्वारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध विभागीय सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की गई। राज्य टीम के निरक्षक डॉ प्रवीर रंजन मोहराना ने बताया कि एक्यूएएस कार्यक्रम के तहत शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 12 तरह की सुविधाओं का होना आवश्यक है। इसमें जनरल क्लीनिक&comma; मातृत्व स्वास्थ्य&comma; नवजात शिशु और सामान्य शिशु के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य&comma; टीकाकरण स्थल&comma; परिवार नियोजन सुविधा&comma; संचारी रोग नियंत्रण सुविधा&comma; गैर संचारी रोग नियंत्रण सुविधा&comma; आपातकाल और ड्रेसिंग की व्यवस्था&comma; फार्मेसी व्यवस्था&comma; लेबोरेटरी सुविधा&comma; अस्पताल कैम्पस में मरीजों के बैठने की व्यवस्था और अस्पताल प्रशासन व्यवस्था की सुविधा का होना आवश्यक है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> राज्य स्तरीय टीम द्वारा स्वास्थ्य केन्द्र में उपलब्ध इन व्यवस्था की जानकारी लेते हुए मरीजों को मिल रही सुविधाओं का मूल्यांकन किया गया। पूर्णिया कोर्ट अस्पताल में उपलब्ध इन सुविधाओं के आधार पर उसे राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनक्यूएएस कार्यक्रम के तहत अंक प्रदान किया जाएगा। अंक के आधार पर स्वास्थ्य केन्द्र को रैंकिंग और प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। राज्य टीम द्वारा एनक्यूएएस कार्यक्रम के तहत प्रामाणिक मिलने के बाद संबंधित अस्पताल का राष्ट्रीय प्रमाणीकरण का पात्र हो सकेगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध सभी सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण पाई गई जिसके राज्य में मूल्यांकन के बाद अंक प्रदान किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर उसे मिलेगा प्रमाणपत्र &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यूनिसेफ जिला समन्यवक शिवशेखर आनंद ने बताया कि अस्पताल का गुणवत्ता आश्वासन एक निरंतर एवं व्यापक प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थाओं के सभी विभागों&sol;प्रक्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गुणवत्ता पूर्ण समिति का गठन&comma; अस्पताल के इंटरनल&sol;बेसलाइन असेसमेंट&comma; मरीज संतुष्टि का सर्वे&comma; अस्पताल में होने वाले विभिन्न गतिविधियों का परफॉर्मेंस और देखभाल की गुणवत्ता आदि की जांच की जाती है। इसके आधार पर संबंधित अस्पताल को राज्य स्तरीय टीम द्वारा अंक प्रदान किया जाता है जिसके तहत अस्पताल को एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>एनक्यूएएस के तहत मूल्यांकन विधि के आधार पर मिलेगा अंक &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीसीक्यूए डॉ अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि एनक्यूएएस के तहत चार विधियों द्वारा अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की जाती है। इसमें अस्पताल का निरक्षण&comma; अस्पताल में उपलब्ध रेकॉर्ड की समीक्षा&comma; उपलब्ध मरीजों से प्राप्त जानकारी और अस्पताल में उपलब्ध कर्मियों से जानकारी प्राप्त किया जाता है। मापन योग्य सभी घटकों&comma; जांच बिंदुओं और अनुपालन का मूल्यांकन करने के बाद विभाग&sol;स्वास्थ्य केंद्र के अंको की गणना कर अस्पताल को अंक प्रदान किया जाता है। इसके आधार पर अस्पताल को एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अस्पताल अधिकारियों और कर्मियों द्वारा किया गया बेहतर प्रयास &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि यूपीएचसी पूर्णिया कोर्ट में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक &lpar;एनक्यूएएस&rpar; प्रमाणीकरण के लिए आवश्यक सभी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध है। इसका निरक्षण जिला स्तरीय टीम द्वारा पहले से किया जा चुका है। यूपीएचसी पूर्णिया कोर्ट एनक्यूएएस के सभी पैमाने पर शत प्रतिशत खरा उतरा है। इसके लिए यहां कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मियों द्वारा नियमित बेहतर प्रयास किया जाता है जिससे कि यहां उपस्थित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सके। इसके जांच के लिए उपस्थित राज्य स्तरीय टीम के द्वारा सभी विभागों का अवलोकन किया गया है और अस्पताल के प्रदर्शन के आधार पर टीम द्वारा अपनी संतुष्टि जताई गई है।<&sol;p>&NewLine;

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