एनक्यूएएस प्रमाणपत्र : केंद्रीय स्वास्थ्य टीम द्वारा किया गया अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रानीपतरा का मूल्यांकन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा स्थानीय लोगों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक &lpar;एनक्यूएएस&rpar; के अनुरूप होने का मूल्यांकन करने के लिए जिले के पूर्णिया पूर्व प्रखंड में संचालित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र &lpar;एपीएचसी&rpar; रानीपतरा का 03 सदस्यीय केंद्रीय स्वास्थ्य टीम द्वारा अस्पताल का 02 दिवसीय मूल्यांकन किया गया। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा 16 और 17 अप्रैल को एपीएचसी रानीपतरा का मूल्यांकन करते हुए स्थानीय लोगों के लिए अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की गई। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>केंद्रीय स्वास्थ्य टीम द्वारा एपीएचसी रानीपतरा का 02 दिवसीय मूल्यांकन के दौरान 03 सदस्यीय केंद्रीय टीम में 02 नेशनल स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में हजारीबाग झारखंड से मो&period; शाहनवाज और त्रिपुरा से डॉ अलक दास एवं 01 मुख्य अस्पताल ऑब्जरवर के रूप में गंगटोक से डॉ मिंगमा लहमु शेरपा शामिल रहे। सभी नेशनल स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र &lpar;एपीएचसी&rpar; में उपलब्ध 06 विभागों द्वारा मरीजों को मिल रहे स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करते हुए उपस्थित लोगों द्वारा नियमित रूप से अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा एपीएचसी रानीपतरा का एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के लिए मूल्यांकन के दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य टीम को उपलब्ध कराई गई। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया के साथ एसीएमओ डॉ आर पी मंडल&comma; आरपीएम केशर इकबाल&comma; डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास&comma; डीसीक्यूए डॉ अनिल कुमार शर्मा&comma; डीएम&amp&semi;ई आलोक कुमार&comma; डीपीसी डॉ सुधांशु शेखर&comma; यूनिसेफ जिला सलाहकार शिवशेखर आनंद&comma; पूर्णिया पूर्व प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शरद कुमार&comma; बीएचएम विभव कुमार&comma; बीसीएम&comma; अस्पताल चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>नेशनल टीम द्वारा अस्पताल में उपलब्ध 06 विभागों द्वारा मरीजों को मिल रहे सुविधाओं की ली गई जानकारी &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा अस्पताल मूल्यांकन के दौरान अस्पताल के 06 विभागों द्वारा स्थानीय लोगों को मिल रहे स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की गई। केंद्रीय टीम द्वारा एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के लिए अस्पताल मूल्यांकन के दौरान अस्पताल अधिकारियों और उपस्थित लोगों से अस्पताल द्वारा मिल रहे अलग अलग स्वास्थ्य सुविधओं और उससे लोगों को मिलने वाले लाभ की जानकारी ली गई। इसके लिए केंद्रीय टीम द्वारा एपीएचसी रानीपतरा के 06 विभागों में शामिल ओपीडी&comma; आईपीडी&comma; प्रसव कक्ष&comma; जांच के लिए अस्पताल में उपलब्ध लैब कक्ष&comma; राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधा और सामान्य प्रशासनिक स्वास्थ्य सुविधा और उससे स्थानीय लोगों को मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ की जानकारी प्राप्त की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> केंद्रीय स्वास्थ्य टीम द्वारा इसके लिए अस्पताल में उपलब्ध सुविधा के साथ साथ स्थानीय लोगों द्वारा इससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ का मूल्यांकन किया गया। इसके लिए केंद्रीय टीम द्वारा अस्पताल में उपस्थित लोगों द्वारा विभिन्न सुविधाओं और उससे मिलने वाले लाभ की जानकारी ली गई। केंद्रीय टीम को सभी जानकारी संतोषजनक प्राप्त मिली जिसके आधार पर केंद्रीय टीम द्वारा अस्पताल को अंकेक्षण किया गया है। सभी जानकारी केंद्रीय टीम द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी जिसके आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>वर्ष 2024 में रानीपतरा अस्पताल को दिया गया है राज्य स्तरीय एनक्यूएएस प्रमाणपत्र &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पूर्णिया पूर्व प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शरद कुमार ने बताया कि वर्ष 2024 में राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपतरा का एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के लिए मूल्यांकन किया गया था। इस दौरान उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर अस्पताल को बेहतर अंक राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध हुआ था। इसके बाद भी अस्पताल में सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर करते हुए स्थानीय लोगों को नजदीकी अस्पताल से सभी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर राज्य स्तरीय टीम द्वारा भी अस्पताल को बेहतर अंक दिया गया था जिसके आधार पर नेशनल टीम द्वारा अस्पताल का मूल्यांकन निर्धारित किया गया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>केंद्रीय टीम द्वारा 02 दिवसीय मूल्यांकन के दौरान अस्पताल में उपलब्ध सुविधा के साथ साथ अस्पताल द्वारा स्थानीय लोगों को नियमित रूप से उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की गई है। उसके आधार पर केंद्रीय टीम द्वारा नेशनल स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। सभी सुविधाओं का बेहतर परिणाम होने पर केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को नेशनल एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा जिससे अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर बनाते हुए स्थानीय लोगों को नियमित रूप से बेहतर चिकित्सिकीय सहायता उपलब्ध कराया जा सकेगा जिससे सभी लोग स्वास्थ्य और सुरक्षित रह सकेंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>नेशनल एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के बाद उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार अस्पताल को उपलब्ध कराई जाएगी आवश्यक सहयोग राशि &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीसीक्यूए डॉ अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि नेशनल स्वास्थ्य टीम द्वारा अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर केंदीय स्वास्थ्य विभाग के एनएचएसआरसी को अस्पताल और उससे स्थानीय लोगों को मिलने वाले सुविधाओं की जानकारी दो जाएगी। निरक्षण टीम द्वारा जारी जानकारी के आधार पर केंदीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपतरा को नेशनल एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी प्रमाणपत्र में अस्पताल को 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त होने पर केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को अगले 03 साल तक प्रति साल अस्पताल सुविधाओं को नियमित जारी रखने के लिए आवश्यक सहयोग राशि उपलब्ध कराई जाएगी। नेशनल स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी करने के बाद अस्पताल व्यवस्था को नियमित जारी रखने के लिए जारी आवश्यक सहयोग राशि का 75 प्रतिशत अस्पताल प्रबंधन के लिए और 25 प्रतिशत अस्पताल कर्मियों के प्रोत्साहन के लिए उपयुक्त किया जाएगा। नेशनल एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी होने पर स्थानीय लोगों को नजदीकी अस्पताल से बेहतर चिकित्सिकीय सहायता नियमित रूप से उपलब्ध हो सकेगी जिसका स्थानीय लोगों द्वारा आसानी से लाभ उठाया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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