एम्स पटना और स्टेट हेल्थ सोसाइटी बिहार की ऐतिहासिक साझेदारी, अब हर सरकारी अस्पताल में मिलेगा एक समान आपातकालीन उपचार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>बिहार में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक&comma; वैज्ञानिक और मरीज केंद्रित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान &lpar;एम्स&rpar;&comma; पटना और स्टेट हेल्थ सोसाइटी &lpar;एसएचएस&rpar;&comma; बिहार ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन &lpar;एमओयू&rpar; पर हस्ताक्षर किए। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक सरकारी अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए एक समान मानक विकसित करना है ताकि किसी भी जिले में पहुंचने वाले मरीज को त्वरित&comma; गुणवत्तापूर्ण और मानकीकृत उपचार मिल सके। यह समझौता बिहार की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में व्यापक बदलाव का आधार बनेगा। इसके तहत सड़क दुर्घटना&comma; हृदयाघात&comma; स्ट्रोक&comma; विषाक्तता&comma; सर्पदंश&comma; जलने की घटनाओं&comma; प्रसूति आपातकाल तथा अन्य गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल बदलने पर उपचार की गुणवत्ता में अंतर का सामना नहीं करना पड़ेगा। पूरे राज्य में एक समान क्लिनिकल प्रोटोकॉल&comma; आधुनिक ट्रायेज प्रणाली और साक्ष्य आधारित उपचार दिशानिर्देश लागू किए जाएंगे जिससे मरीजों को &&num;8220&semi;गोल्डन ऑवर&&num;8221&semi; के भीतर बेहतर और जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समझौते पर स्टेट हेल्थ सोसाइटी&comma; बिहार की ओर से संयुक्त सचिव सह प्रभारी &lpar;प्रशिक्षण&rpar; बृंदा लाल तथा एम्स पटना की ओर से चिकित्सा अधीक्षक प्रो&period; डॉ&period; प्रशांत कुमार सिंह ने हस्ताक्षर किए। यह कार्यक्रम एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्टेट हेल्थ सोसाइटी&comma; बिहार की उप निदेशक &lpar;प्रशिक्षण&rpar; डॉ&period; जयती श्रीवास्तव&comma; सहायक निदेशक &lpar;विधि&rpar; युक्ता सिंह&comma; एम्स पटना के उप निदेशक &lpar;प्रशासन&rpar; नीलोत्पल बल तथा आपातकालीन चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ&period; दिवेंदु भूषण साक्षी के रूप में उपस्थित रहे।<br &sol;>समझौते के अनुसार एम्स पटना को राज्य का शीर्ष तकनीकी संसाधन केंद्र बनाया गया है। संस्थान केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को निरंतर क्लिनिकल मेंटरिंग&comma; टेली इमरजेंसी परामर्श&comma; वर्चुअल ग्रैंड राउंड्स&comma; गुणवत्ता ऑडिट और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराएगा। इससे राज्यभर में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता का निरंतर मूल्यांकन और सुधार सुनिश्चित होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस पहल के अंतर्गत पूरे बिहार में हब एंड स्पोक इमरजेंसी केयर नेटवर्क विकसित किया जाएगा जिसमें एम्स पटना केंद्रीय हब तथा राज्य के 13 सरकारी मेडिकल कॉलेज क्षेत्रीय हब के रूप में कार्य करेंगे। ये सभी संस्थान जिला अस्पतालों&comma; अनुमंडलीय अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। साथ ही गंभीर मरीजों के लिए एक सुव्यवस्थित रेफरल नेटवर्क विकसित किया जाएगा जिससे समय पर रेफरल&comma; बेहतर प्रारंभिक उपचार और अस्पतालों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित हो सके। चिकित्सकों&comma; विशेषज्ञों&comma; नर्सिंग अधिकारियों&comma; इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियनों&comma; पैरामेडिक्स और एम्बुलेंस कर्मियों को सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण&comma; हैंड्स-ऑन वर्कशॉप तथा बेडसाइड टीचिंग के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा अस्पतालों में मानकीकृत इमरजेंसी विभाग&comma; प्रभावी ट्रायेज व्यवस्था और वैज्ञानिक रोगी प्रबंधन प्रणाली विकसित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना में टेली आईसीयू&comma; डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म&comma; इमरजेंसी मेडिसिन रजिस्ट्री&comma; कृत्रिम बुद्धिमत्ता &lpar;एआई&rpar; आधारित निर्णय सहयोग प्रणाली तथा सतत गुणवत्ता सुधार कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है। इन आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बिहार की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक समझौता नहीं बल्कि बिहार में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाला परिवर्तनकारी अभियान है। उन्होंने कहा कि एम्स पटना अपनी विशेषज्ञता&comma; प्रशिक्षण क्षमता और तकनीकी संसाधनों के माध्यम से राज्य के प्रत्येक सरकारी अस्पताल को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएगा जिससे प्रत्येक मरीज तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंच सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं बृंदा लाल ने कहा कि एम्स पटना के साथ यह साझेदारी बिहार की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य समिति का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं बल्कि प्रत्येक सरकारी अस्पताल को ऐसी क्षमता प्रदान करना है कि वह किसी भी गंभीर आपातकालीन स्थिति में प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करा सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मानकीकृत उपचार प्रणाली&comma; आधुनिक तकनीक&comma; विशेषज्ञ मार्गदर्शन&comma; प्रशिक्षित मानव संसाधन और मजबूत रेफरल नेटवर्क पर आधारित यह मॉडल आने वाले वर्षों में बिहार की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल सकता है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाएगी बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में हजारों लोगों का जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।<&sol;p>&NewLine;

Related posts

नई दुग्ध संग्रहण समितियों के गठन में लाएं तेजी : डीएम

वृक्षारोपण ही प्रकृति के प्रति हमारी सच्ची सेवा है : रत्नेश कुशवाहा

पटना वीमेंस कॉलेज में प्रभावी संचार कौशल पर इंटरैक्टिव कार्यशाला आयोजित