बालिका शिक्षा के प्रति कृत संकल्पित नीतीश कुमार का सपना हो रहा साकार : जदयू

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24<&sol;strong>&rpar; प्रदेश जद &lpar;यू&rpar; प्रवक्ता शंभूनाथ सिन्हा एवं प्रदेश प्रवक्ता डा0 अनुप्रिया यादव ने संयुक्त रुप से जारी बयान में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेटियों की शिक्षा को लेकर जो सपना देखा था और उन्हें पूरा करने के लिए जो नीतियां बनाईं आज उसका सुखद परिणाम देखने को मिल रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि यूडीआईएसई प्लस के आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में राज्य में कुल 2&period;07 करोड़ छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। जिनमें लड़कों की तादद 1&period;04 करोड़ है&comma; जबकि लड़कियों की तादाद 1&period;03 करोड़ है। यानी स्कूलों में लड़कों एवं लड़कियों की संख्या लगभग बराबर हो गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों में सर्वाधिक खुशी की बात ये है कि शिक्षा के मिडिल एवं माध्यमिक स्तर पर लड़कियों की संख्या लड़कों से अधिक है। माध्यमिक स्तर पर लड़कों की 24 लाख 54 हजार 456 लड़कों के मुकाबले 26 लाख 28 हजार 903 लड़कियां नामांकित हैं। वहीं मिडिल स्तर पर 28 लाख 88 हजार 590 लड़कों की तुलना में 29 लाख 13 हजार 305 लड़कियां पढ़ रही है। इससे साफ है कि इन कक्षाओं तक पहुंचने और पढ़ाई जारी रखने में बेटियों की भागीदारी काफी मजबूत हुई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दरअसल ये आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री नीतीश कुमार ने साल 2005 में बिहार का शासन संभालते ही बेटियों की शिक्षा को उच्च प्राथमिकता दी और कई तरह की योजनाएं बनाई। लड़कियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के मकसद से साल 2008 में उन्होंने साइकिल योजना&comma; 2006 में पोशाक योजना एवं छात्रवृत्ति जैसी कई योजनाएं चलाई जिससे शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों का रुझान बढ़ा और वो घर से निकलकर स्कूल जाने लगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर माननीय श्री नीतीश कुमार ने ऐतिहासिक काम किए चाहे वो पंचायतों एवं नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने की बात हो चाहे महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला। माननीय श्री नीतीश कुमार के इन सारे फैसलों के चलते समाज में महिलाओं की स्थिति में सुधार हुआ और आज वो आत्मसम्मान का जीवन जी रही हैं। युवाओं को नौकरी एवं रोजगार के मामले में भी माननीय श्री नीतीश कुमार ने जो वादे किए उन वादों से बढ़कर उन्होंने नौकरी एवं लोगों को रोजगार देने का काम किया। साथ ही साल 2025 से लेकर 2030 तक 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके क्रियान्वयन का काम मौजूदा एनडीए सरकार कर रही हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में भी निशांत कुमार की क्रांतिकारी पहल के चलते व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। अनावश्यक रुप से रेफर करने की व्यवस्था को खत्म कर उन्होंने मरीजों को बड़ी राहत देने का काम किया है। अस्पताल में कर्मियों की कमी की समस्या को दूर करना साथ ही एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल की स्थापना कर उन्होंने मरीजों को बड़ी राहत देने का काम किया है। इसकी मदद से अब अस्पतालों में बेड की रियल टाइम उपलब्धता पता चल सकेगी जिससे मरीजों को आॅपरेशन के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजा जा सकेगा। इससे मरीजों को समय पर इलाज संभव हो सकेगा। अस्पतालों में डाॅक्टरों&comma; नर्सों की उपस्थिति को लेकर भी स्वास्थ्य मंत्री ने कई कदम उठाए हैं जिसका परिणाम है कि अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार हुआ है। साथ ही उन्होंने मरीजों को 504 तरह की दवाईयां मुफ्त में उपलब्ध कराने की बात कही है जिसमें से वर्तमान समय में 350 तरह की दवाईयां मरीजों को उपलब्ध हो रही हैं।<&sol;p>&NewLine;

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