कड़ाके कि ठंड को लेकर रैन बसेरा और जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&comma; &lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar; <&sol;mark><&sol;strong>बढ़ते ठंड के मद्देनजर जिलाधिकारी पटना डॉ&period; चंद्रशेखर सिंह के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन शाखा&comma; पटना के तत्वावधान में सार्वजनिक स्थानों पर नियमित तौर पर अलाव जलाया जा रहा है&comma; पंचायतों में कंबल का वितरण किया जा रहा है तथा विभिन्न स्थलों पर रैन बसेरों&sol;आश्रय घरों का संचालन किया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर वरीय अधिकारियों द्वारा ठंड से बचाव कार्यों का लगातार अनुश्रवण किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी भी नियमिततः रात्रि में निकलकर अलाव स्थलों&comma; रैन बसेरों तथा जरूरतमंदों के बीच कंबल के वितरण कार्य का निरीक्षण करते हैं तथा लोगों से फ़ीडबैक लेते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कई चौक-चौराहों&comma; बाजारों&comma; रैन बसेरों&comma; बस स्टैंड&comma; रेलवे स्टेशन&comma; अस्पताल सहित भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर अलाव जलाया जा रहा है। पटना में 142 से अधिक स्थानों पर अलाव जलाया जा रहा है। सभी अंचल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत मुख्य स्थानों पर अलाव जलाया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना नगर निगम द्वारा शहर में 21 जगह पर स्थायी एवं अस्थायी रैन बसेरा तथा आश्रय स्थल का संचालन किया जा रहा है जिसमें अभी तक आश्रय लेने वालों की संख्या 9&comma;645 है। रैन बसेरा में 3 शिफ्ट में केयर टेकर की तैनाती की गई है। इसके साथ ही सभी संबंधित पदाधिकारी एवं विभागों का हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराया गया है।&ast; सभी रैन बसेरा में एक विशेष फीडबैक का रजिस्टर भी है जहां आश्रय लेने वाले लोग अपना फीडबैक दे सकते हैं। नगर निगम द्वारा चार विशेष रैन बसेरे में महिलाओं के लिए भी विशेष बेड की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही यहां केयरटेकर के रूप में महिला पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति भी की गई है। रैन बसेरा में आमजन के लिए निःशुल्क रहने की व्यवस्था की गई है। सभी रैन बसेरों में कार्पेट &comma; चौकी&comma; गद्दा&comma; चादर&comma; तकिया&comma; तकिया कवर&comma; कम्बल&comma; कम्बल कवर&comma; अग्निशामक यंत्र&comma; ट्रंक&comma; पीने का पानी&comma; सीसीटीवी कैमरा&comma; रजिस्टर &comma;टेबल&comma; कुर्सी एवं ऐनक की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ज़िलाधिकारी के निदेश पर सहायक निदेशक&comma; जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा 4&comma;345 कंबल प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को उपलब्ध करा दिया गया है। सभी पंचायतों में तीव्र गति से कंबल वितरण का कार्य चल रहा है। पंचायतों में 1&comma;449 कंबल का वितरण किया गया है एवं यह लगातार जारी है। डीएम डॉ सिंह ने <em>प्रत्येक पंचायत<&sol;em> में न्यूनतम 10 कंबल का वितरण करने का निदेश दिया है। जरूरतमंदों यथा रिक्शा चालकों&comma; ऑटो चालकों&comma; दिव्यांगजन&comma; वृद्धजन के बीच कंबल का वितरण करने का निदेश दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ज़िलाधिकारी द्वारा सभी अंचल अधिकारियों एवं नगर कार्यपालक पदाधिकारियों&ast; को अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत मुख्य स्थानों पर नियमित तौर पर अलाव की व्यवस्था करने एवं रैन बसेरों&sol; आश्रय घरों का संचालन करने का निर्देश दिया गया है ताकि ठंड के कारण किसी को कोई समस्या ना हो।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीएम डॉ सिंह ने आवश्यकतानुसार अलाव स्थलों तथा रैन बसेरों&sol; आश्रय घरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है&ast;। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को इसका अनुश्रवण करने का निर्देश दिया है। डीएम डॉ सिंह ने आम जनता से भी बढ़ते ठंड के मद्देनजर एडवायजरी का अनुपालन करने का आह्वान किया है।<&sol;p>&NewLine;

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