बिहार में गन्ने की खेती का नया ट्रेंड: गैर-चीनी मिल क्षेत्रों के 7000 किसानों ने कराया रिकॉर्ड पंजीकरण

&NewLine;<p><strong>पटना&comma; न्यूज़ क्राइम 24।<&sol;strong> बिहार में गन्ने की खेती अब पारंपरिक सीमाओं को पार कर नए इलाकों में तेजी से विस्तार ले रही है। गन्ना उद्योग विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार&comma; राज्य में अब तक 1&period;20 लाख से अधिक गन्ना किसानों ने सरकारी पोर्टल पर सफलतापूर्वक पंजीकरण करा लिया है। इसका सबसे उत्साहवर्धक पहलू यह है कि इनमें से 7&comma;000 किसान &&num;8216&semi;गैर-चीनी मिल&&num;8217&semi; क्षेत्रों से हैं। सरकार ने इन क्षेत्रों में नई चीनी मिलें स्थापित करने की कवायद भी तेज कर दी है।<br><br><strong>आसान पंजीकरण प्रक्रिया से नए इलाकों के किसान भी हुए आकर्षित<&sol;strong><br><br>विभाग की पूरी तरह से डिजिटल और सरल पंजीकरण प्रक्रिया के कारण किसानों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों के अनुसार&comma; पारंपरिक चीनी मिल क्षेत्रों से 1&comma;13&comma;289 और गैर-चीनी मिल क्षेत्रों से 7&comma;000 किसानों ने पोर्टल पर निबंधन कराया है। इस प्रकार राज्य में कुल पंजीकृत गन्ना किसानों की संख्या 1&comma;20&comma;289 पहुंच गई है। अब कोई भी किसान बिना किसी जटिलता के ऑनलाइन पोर्टल से जुड़कर सरकारी योजनाओं का हिस्सा बन सकता है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>किसानों के उत्साह को देख सरकार खोलेगी नई चीनी मिलें<&sol;strong><br><br>जिन इलाकों में आस-पास कोई चीनी मिल नहीं है&comma; वहां से 7&comma;000 किसानों का आगे आना प्रमाण है कि किसान गन्ने को सुरक्षित और मुनाफे वाली फसल के रूप में अपना रहे हैं। किसानों को सुलभ बाजार और उचित मूल्य दिलाने के लिए&comma; सरकार उन क्षेत्रों में नई चीनी मिलें स्थापित करने और बंद मिलों को शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर रही है। इस कदम से किसानों का परिवहन खर्च बचेगा&comma; स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होंगे और राज्य के औद्योगीकरण को बल मिलेगा।<br><br><strong>उन्नत बीज&comma; कृषि यंत्र और सीधे बैंक खाते में मिल रही है सब्सिडी<&sol;strong><br><br>सरकार द्वारा पंजीकृत किसानों को कई लाभकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। विभाग का मुख्य उद्देश्य उन्नत बीज और गन्ना बोने-काटने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान देना है। पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए सब्सिडी की पूरी राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण &lpar;DBT&rpar; के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। साथ ही&comma; वैज्ञानिक तरीके से खेती के लिए विशेषज्ञों द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।<br>गन्ना उद्योग विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस आसान पंजीकरण प्रक्रिया का हिस्सा बनें और योजनाओं का लाभ उठाएं। पंजीकरण&comma; अनुदान या योजनाओं की विस्तृत जानकारी के लिए किसान अपने संबंधित जिले के सहायक निदेशक &lpar;ईख विकास&rpar; अथवा ईख पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

जहानाबाद एसपी ने जनता दरबार में सुनीं 16 शिकायतें, त्वरित समाधान के दिए निर्देश

बिहार सीएम और राज्यपाल ने दानवीर भामाशाह को जयंती पर किए नमन व पुष्पांजलि

बिहार के ज्वेलरी कारोबारियों ने राज्यपाल से की मुलाकात, सुरक्षा और उद्योग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा