बिहार में धान खरीद का नया रिकॉर्ड, आंकड़ा 39 लाख मीट्रिक टन पार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। सरकार की नीतियां यह साबित करती हैं कि वह न केवल किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है&comma; बल्कि कृषि उत्पादन और विपणन को भी सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसी के तहत&comma; इस वर्ष बिहार में धान खरीद ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बिहार में इस साल धान की खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कुल 39&period;23 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है&comma; जो कि 45 लाख मीट्रिक टन के निर्धारित लक्ष्य का लगभग 87&period;2 प्रतिशत है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को दी बधाई-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जानकारी के अनुसार गत वर्ष सरकार ने 30 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था&comma; जो लक्ष्य का 66&period;7 प्रतिशत था। इस साल धान की खरीद में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है&comma; यानी करीब 9 लाख मीट्रिक टन धान अधिक खरीदी गई है। इस उपलब्धि पर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और उनकी टीम को बधाई दी है। खाद्य और सहकारिता विभाग की बेहतरीन कार्यशैली ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जिलों में जमकर हुई खरीदी-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य में पिछले वर्ष के मुकाबले करीब नौ लाख मिट्रीक टन धान की खरीद अधिक हुई है&comma; जिसमें सबसे ज्यादा भोजपुर में 105 फीसदी धान की खरीद हुई है। ऐसे जिलों की संख्या ठीक ठाक थी जहां 95 फीसदी से अधिक खरीदारी हुई। इनमें अरवल&comma; बांका&comma; बेगूसराय&comma; पूर्वी चंपारण&comma; गया&comma; किशनगंज&comma; लखीसराय&comma; मधेपुरा&comma; नालंदा&comma; पटना&comma; सहरसा&comma; शेखपुरा&comma; शिवहर&comma; सीवान और सुपौल है। वहीं&comma; 90 फीसदी से पार रहने वाले जिलों में पश्चिमी चंपारण&comma; सारण&comma; मुंगेर&comma; जमुई&comma; अररिया शामिल है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्मार्ट खेती को बढ़ावा दे रही सरकार-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य सरकार पारंपरिक खेती के तरीकों को बदलकर किसानों को स्मार्ट खेती करने के लिए लगातार प्रेरित कर रही है। इसके लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत राज्य के सभी 101 अनुमंडलों को ड्रोन देने की योजना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>धान की कीमतों में वृद्धि-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उत्तर बिहार में 1 नवंबर 2024 से धान की खरीद की प्रक्रिया शुरू हुई थी जो 15 फरवरी 2025 तक चली। विभाग ने इस बार साधारण धान के लिए 2300 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान के लिए 2320 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की थी। पिछले वर्ष साधारण धान की कीमत 2183 रुपये प्रति क्विंटल थी&comma; जबकि ग्रेड-ए धान की कीमत 2203 रुपये प्रति क्विंटल थी। दक्षिण बिहार में 15 नवंबर से खरीद शुरू हुई थी और 15 फरवरी तक जारी रही।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>खरीद से पहले बायोमैट्रिक सत्यापन-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नीतीश सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसीलिए धान की बिक्री करने वाले निबंधित किसानों का बायोमैट्रिक सत्यापन किया गया। तय किया गया कि रैयती किसान अधिकतम 250 क्विंटल धान की बिक्री कर सकेंगे&comma; जबकि गैर रैयती किसान अधिकतम 100 क्विंटल धान बेच सकेंगे। किसानों को खरीद के 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाएगा और किसी भी परिस्थिति में धान का बकाया नहीं रखा जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कृषि रोडमैप निर्णायक-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>धान खरीदी में बिहार सरकार की यह उपलब्धि यूं ही नहीं हासिल हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृषि क्षेत्र में विकास के लिए कई गंभीर कदम उठाए हैं। कृषि क्षेत्र में कई अहम योजनाओं और कदमों के चलते फसलों&comma; फलों और सब्जियों के उत्पादन में वृद्धि हुई है। सरकार ने कृषि रोडमैप तैयार किया और कृषि विकास कार्यक्रमों का संचालन किया&comma; जिससे उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि देखने को मिली है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बिहार ने यूपी को पछाड़ा-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिहार में गन्ना किसानों को पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश &lpar;यूपी&rpar; से अधिक दाम मिलता है। गत वर्ष दिसंबर महीने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिम चंपारण जिले में प्रगति यात्रा के दौरान गन्ना के मूल्य में 10 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी की घोषणा की थी। जिससे यूपी में जहां उच्च कोटि के गन्ने का मूल्य 370 रुपये प्रति क्विंटल है&comma; तो बिहार में इस कैटगरी के गन्ना संख्या का रेट 375 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।<&sol;p>&NewLine;

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