इच्छाशक्ति की बदौलत स्वास्थ्य कार्यक्रमों में गुणात्मक सुधार करने की जरूरत : जिलाधिकारी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&comma; न्यूज क्राइम 24।<&sol;mark><&sol;strong> निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस से जुड़ी हुई कई  योजनाओं का जिले में सफ़लता पूर्वक संचालन किया जा रहा à¤¹à¥ˆà¥¤ वहीं महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों में सुधार को लेकर लगातार प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से संबंधित मामलों की मासिक समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएएस गौरव कुमार&comma; सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी&comma; डीपीआरओ दिलीप सरकार&comma; डीआईओ डॉ विनय मोहन&comma; एनसीडीओ डॉ वीपी अग्रवाल&comma; सीडीओ डॉ एमके झा&comma; भीवीडीसीओ डॉ आरपी मंडल&comma; डीपीओ आईसीडीएस रीना श्रीवास्तव&comma; डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास&comma; एपेडिमोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला&comma; डीपीसी डॉ सुधांशु शेखर&comma; सिफार के धर्मेंद्र रस्तोगी सहित जिले के सभी एमओआईसी&comma; सीडीपीओ&comma; एचएम&comma; बीएचएम&comma; बीसीएम उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>इच्छाशक्ति की बदौलत स्वास्थ्य कार्यक्रमों में गुणात्मक सुधार करने की आवश्यकता&colon; जिलाधिकारी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित मासिक समीक्षात्मक बैठक के दौरान कहा कि इच्छाशक्ति की बदौलत जिले में सरकार प्रायोजित विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य कार्यक्रमों में काफी हद तक सुधार किया जा सकता है। क्योंकि जब तक रेफर करने की प्रवृति को बंद नहीं किया जाएगा तब तक अपने कार्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन नहीं किया जा सकता है। इसके लिए विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत सभी विभागों के अधिकारियों की ससमय उपस्थिति&comma; सकारात्मक प्रबंधन&comma; स्वास्थ्य संस्थानों में इलाज़ कराने वाले मरीज़ या अभिभावकों के साथ कुशल व्यवहार के साथ ही त्वरित कार्रवाई कर रोगियों के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए उसका उपचार करना अतिमहत्वपूर्ण है। जिले में सर्प दंश के मामले को गंभीरता के साथ देखते हुए सिविल सर्जन सहित सभी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जनवरी से लेकर अभी तक कितने मामले सामने आए हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में उठाए गए कई महत्वपूर्ण कदम&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>बैठक में जिलाधिकारी द्वारा यह भी कहा गया कि शहर के निजी नर्सिंग होम संचालकों की सूची तैयार कर प्रसव से संबंधित जानकारी लेनी होगी। जानकारी नहीं देने वाले संचालकों पर उचित कार्यवाई भी की जा सकती है। मिशन मोड पर सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्य करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। वहीं सभी एमओआईसी को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक महीने बेहतर कार्य कर संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। ताकि शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले चिकित्सा पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा सके। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसके लिए सिविल सर्जन को आवश्यक रूप से दिशा निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित मामलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य&comma; संसाधन&comma; टीकाकरण&comma; प्राथमिक स्तर के रेफरल इकाई&comma; टीबी&comma; आईसीडीएस से संबंधित&comma; प्रसव पूर्व जांच &lpar;एएनसी&rpar;&comma; à¤¨à¤¿à¤œà¥€ नर्सिंग होम संचालकों से संबंधित&comma; डेंगू के अलावा आगामी महीने 11 सितंबर से मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम और 20 सितंबर से सर्वजन दवा सेवन &lpar;एमडीए&rpar; को लेकर विस्तृत रूप से समीक्षा की गई।<&sol;p>&NewLine;

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