बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सभी सीएचओ को दिया गया जरूरी प्रशिक्षण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छ व संक्रमण मुक्त वातावरण का निर्माण जरूरी है। इसे लेकर जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत सीएचओ को बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय इस प्रशिक्षण में सभी सीएचओ को स्वास्थ्य केंद्रों पर उत्पन्न बायो मेडिकल कचरे का सुरक्षित व वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित कराने को लेकर जरूरी प्रशिक्षण दिया गया। जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य पीरामल स्वास्थ्य के एसपीएम क्वालिटी डॉ विकास कुमार ने बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित जरूरी जानकारी सभी सीएचओ के साथ साझा किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार&comma; डीपीसी राकेश कुमार&comma; पीरामल स्वास्थ्य के एसपीएल संजय कुमार झा&comma; राजीव कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी व सहयोगी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>संक्रमित कचरों का उचित निष्पादन जरूरी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रशिक्षण के क्रम में सभी सीएचओ को बायोमेडिकल वेस्ट का वर्गीकरण&comma; पीले&comma; लाल&comma; नीले व काले रंग के बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल बैग का सही उपयोग&comma; संक्रमण फैलाने वाले व सामान्य कचरों की अलग अलग पहचान वो निपटान संबंधी तकनीक&comma; उपयोग की गई सिरिंज&comma; सुई&comma; ब्लेड&comma; बैंडेज&comma; प्लास्टर व दवाओं के अवशेषों का सुरक्षित निष्पादन संबंधी जानकारी दी गयी। मुख्य प्रशिक्षक पीरामल स्वास्थ्य के एसपीएम डॉ विकास ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के दौरान उत्पन्न होने वाले संक्रमित कचरे के उचित निपटान से संक्रमण फैलने की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>संक्रमण मुक्त वातावरण का निर्माण प्रशिक्षण का उद्देश्य<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण सभी सीएचओ को बायो मेडिकल वेस्ट के उचित वर्गीकरण&comma; संग्रहण&comma; परिवहन व निपटान के बारे में जागरूक करना है। ताकि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छ व संक्रमण मुक्त वातावरण का निर्माण संभव हो सके। जो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की महत्पूर्ण कड़ी है। इसकी मदद से जरूरी इलाज के लिये अस्पताल आने वाले मरीजों के साथ साथ स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित किया जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सभी संस्थानों में वेस्ट मैनेजमेंट की हो नियमित निगरानी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन केके कश्यप ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के दौरान उत्पन्न बायो मेडिकल वेस्ट का सही तरीके से निपटान नहीं होने से संक्रमण के प्रसार का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए स्वास्थ्य कर्मियों के पास इस संबंध में सही जानकारी का होना जरूरी है। प्रशिक्षण के माध्यम से सभी सीएचओ को वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित जानकारी दी गयी है। सभी केंद्रों पर बायो मेडिकल वेस्ट के उचित निपटान की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दिया। इसमें किसी तरह की लापरवाही पाये जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कारवाई की बातें उन्होंने कही।<&sol;p>&NewLine;

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