एम्स पटना में एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी पर राष्ट्रीय वर्कशॉप 27 से

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजीत।<&sol;strong> आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी के क्षेत्र में नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एम्स पटना के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा 27 से 29 मार्च 2026 तक तीन दिवसीय ऑपरेटिव वर्कशॉप एवं बिहार-झारखंड मिडटर्म एकेडमिक मीट का आयोजन किया जा रहा है&period; यह कार्यक्रम इंडियन एसोसिएशन ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जन्स तथा बिहार-झारखंड एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस तीन दिवसीय आयोजन में देशभर के प्रतिष्ठित एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जन एक मंच पर जुटेंगे&period; मेधा भावे&comma; संदीप शर्मा&comma; दिनेश कदम&comma; वेंकट रमना&comma; रजत गुप्ता&comma; पराग तैलंग&comma; वी एस राठौड़&comma; जयंत दास&comma; शिवांगी साहा&comma; शीजा राजन&comma; मानेश सिंघल और आदित्य अग्रवाल जैसे प्रख्यात विशेषज्ञ अपने अनुभव और नवीनतम तकनीकों को साझा करेंगे। वर्कशॉप के दौरान ऑपरेटिव डेमोंस्ट्रेशन&comma; वैज्ञानिक सत्र और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक एस्थेटिक सर्जरी तकनीकों से अवगत कराया जाएगा&period; इसमें ब्रेस्ट सर्जरी &lpar;आकार बढ़ाना और कम करना&rpar;&comma; टमी टक &lpar;एब्डोमिनोप्लास्टी&rpar;&comma; नाक की सर्जरी &lpar;राइनोप्लास्टी&rpar;&comma; जबड़े की सर्जरी तथा पलकों की सर्जरी &lpar;ब्लेफेरोप्लास्टी&rpar; जैसी प्रमुख प्रक्रियाओं पर विशेष फोकस रहेगा&period; साथ ही बोटॉक्स&comma; डर्मल फिलर्स और फेस रीजुवनेशन जैसी नॉन-सर्जिकल तकनीकों की भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान केस आधारित चर्चाएं&comma; विशेषज्ञ व्याख्यान और पैनल डिस्कशन आयोजित किए जाएंगे&comma; जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को नवीनतम तकनीकों&comma; नवाचारों और वैश्विक मानकों के अनुरूप उपचार पद्धतियों की जानकारी मिलेगी&period;<br &sol;>इस आयोजन का थीम &&num;8220&semi;एस्थेटिक मास्टरी&colon; फ्रॉम फंडामेंटल्स टू फिटनेस&&num;8221&semi; रखा गया है&comma; जो बुनियादी ज्ञान से लेकर उत्कृष्ट सर्जिकल दक्षता तक की यात्रा को दर्शाता है। यह पहल न केवल डॉक्टरों और सर्जनों के कौशल विकास को प्रोत्साहित करेगी&comma; बल्कि आम लोगों में सुरक्षित और विशेषज्ञ-निर्देशित एस्थेटिक उपचार के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी&period; साथ ही यह कार्यक्रम एम्स पटना में उपलब्ध उन्नत और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं को भी रेखांकित करता है। विभागाध्यक्ष डॉ&period; वीणा सिंह के नेतृत्व में डॉ&period; अंसारुल&comma; डॉ&period; सर्सिज&comma; डॉ&period; विश्वदीप&comma; डॉ&period; कुलदीप सहित रेजिडेंट्स&comma; नर्सिंग स्टाफ और एनेस्थीसिया टीम मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।<&sol;p>&NewLine;

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