एम्स पटना में उद्यमिता कॉन्क्लेव 2026, नवाचार और स्टार्टअप्स को मिली नई दिशा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; अजीत। <&sol;strong>एम्स पटना एक बार फिर नवाचार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में उभरा&comma; जब एम्स पटना इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन काउंसिल &lpar;ए&period;पी&period;आई&period;आई&period;सी&period;&rpar; द्वारा आयोजित उद्यमिता कॉन्क्लेव 2026 ने देशभर से नीति-निर्माताओं&comma; अधिकारियों&comma; निवेशकों&comma; चिकित्सकों&comma; शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को एक मंच पर जोड़ा&period; यह आयोजन मेडटेक इकोसिस्टम को नई दिशा देने वाली एक सशक्त पहल के रूप में सामने आया&comma; जहां क्लिनिकल विशेषज्ञता&comma; तकनीकी नवाचार और उद्यमिता का संगम देखने को मिला।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में बिहार सरकार के उद्योग मंत्री डॉ&period; दिलीप जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए&comma; जबकि प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; बिंदेय कुमार&comma; निदेशक आईजीआईएमएस पटना&comma; विशिष्ट अतिथि रहे&period; आयोजन की मेजबानी प्रो&period; &lpar;ब्रिग&period;&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल&comma; कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी&comma; एम्स पटना ने की&period; इस अवसर पर ए&period;पी&period;आई&period;आई&period;सी&period; सेंटर का औपचारिक उद्घाटन भी किया गया&comma; जो बिहार में मेडटेक नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उद्घाटन सत्र में प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; संजय पांडे &lpar;डीन रिसर्च&rpar;&comma; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; अनुप कुमार &lpar;मेडिकल सुपरिटेंडेंट&rpar;&comma; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; पुनम प्रसाद भदानी &lpar;डीन अकादमिक्स&rpar;&comma; डॉ&period; क्रांति भावना&comma; डॉ&period; अनिल कुमार और डॉ&period; मौसमी साहा सहित कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति रही। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कॉन्क्लेव का एक प्रमुख आकर्षण ए&period;पी&period;आई&period;आई&period;आई&period;सी&period; के इन्क्लूसिव टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर &lpar;iTBI&rpar; का शुभारंभ रहा&comma; जो डीएसटी निधि पहल के अंतर्गत स्थापित किया गया है&period; यह इन्क्यूबेटर स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों को अपने विचारों को व्यवहारिक स्वास्थ्य समाधानों में बदलने का अवसर प्रदान करेगा। इस दौरान इग्निशन ग्रांटीज़ के पहले बैच का स्वागत किया गया&comma; जिससे नवप्रवर्तकों को फंडिंग&comma; मेंटरशिप और क्लिनिकल इकोसिस्टम तक सीधी पहुंच मिलेगी&period; कार्यक्रम में दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएं भी आयोजित की गईं&comma; जिनमें स्टार्टअप्स के लिए नीति&comma; फंडिंग&comma; निवेश&comma; कानूनी और नियामकीय पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। ए&period;पी&period;आई&period;आई&period;सी&period; ने अपने सहयोग तंत्र के तहत सीड फंडिंग&comma; इग्निशन ग्रांट्स&comma; क्लिनिकल वैलिडेशन&comma; मेंटरशिप और बौद्धिक संपदा से जुड़े मार्गदर्शन की जानकारी भी साझा की&period; साथ ही अप्रैल में नए स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों के लिए आवेदन आमंत्रित करने की घोषणा की गई।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

पटना में युवा प्रकोष्ठ को नई मजबूती, आलोक कुमार कुशवाहा बने कार्यकारी अध्यक्ष

टावर का कॉपर वायर चोरी करते दो चोर गिरफ्तार!

गौरीचक में त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट, शांति समिति की बैठक में सौहार्द बनाए रखने की अपील