राष्ट्रीय तेली साहू महा संगठनबिहार सरकार द्वारा जारी जातिगत सर्वे घोटाले का करेगी पुरजोर विरोध

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर। <&sol;mark><&sol;strong>राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन के<br>बिहार प्रदेश संगठन मंत्री प्रवीण साह ने राज्य सरकार सरकार द्वारा जारी जाती जनगणना रिपोर्ट को आंकड़ों की बाज़ीगरी कर राजनीतिक स्वार्थ पूरी करने वाला साजिश बताते हुए इसे जातिगत सर्वे घोटाला करार दिया है। प्रदेश संगठन मंत्री श्री साह ने बिहार सरकार द्वारा आनन फानन में जारी यह जाति गणना रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1931 के आंकड़ों में तेली जाती की संख्या 2&period;8 प्रतिशत थी और वर्तमान रिपोर्ट में 2&period;81 प्रतिशत दर्शया गया है मतलब यह हुआ है कि 92 वर्षों के दरम्यान महज 01 प्रतिशत की बढ़ोतरी ही हुई है जो तर्कसंगत नही है।वही तेली जाति&comma; सहित कई अन्य जातियों की संख्या घटाकर वैसी जातियों की संख्या बढ़ा दी गयी है जो महागठंबधन सरकार का समर्थन करती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रदेश संगठन मंत्री श्री साह ने कहा की राजद ओर जदयू के निशाने पर तेली समाज है जो तेली जाति को अतिपिछड़ा वर्ग से बाहर करने की भी साजिश रच रही है। यह रिपोर्ट बिहार की जनता के आंखों में धूल झोंकने वाला है कहा कि साजिश के तहत कुछ जातियों की संख्या कम बताई गयी है ताकि चुनाव से पूर्व मतदाताओं पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाला जा सके। प्रदेश संगठन मंत्री कहा कि प्रदेश के लाखों घरों में गए बिना उन घरों में रहने वाले विभिन्न जाती के लोगों का गणना रिपोर्ट जारी कर दी गयी है कहा कि राष्ट्रीय तेली साहू संगठन शीघ्र ही उचित मंच पर ना सिर्फ आपत्ति दर्ज करेगी बल्कि तेली समाज अपना गणना स्वयं कराएगी और इस जातिगत सर्वे घोटाले का पूरजोर विरोध किया जाएगा जरूरत पड़ी तो बिहार में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जायेगा।<&sol;p>&NewLine;

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