राष्ट्रीय प्रबंधन दिवस पर संगोष्ठी, “लचीलेपन के साथ विकास” पर मंथन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित। <&sol;strong>राष्ट्रीय प्रबंधन दिवस के उपलक्ष्य में पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन ने इंटरनेशनल बिजनेस कॉलेज&comma; पटना के सहयोग से &OpenCurlyDoubleQuote;कल के लिए परिवर्तन&colon; लचीलेपन के साथ विकास” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया&period; कार्यक्रम में शिक्षाविदों&comma; प्रबंधन विशेषज्ञों&comma; उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। मेजबान कॉलेज की ओर से आईबीसी और ब्रैडफोर्ड ग्रुप के अध्यक्ष श्री धर्मेंद्र कुमार ने स्वागत भाषण देते हुए युवाओं से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया&period; उन्होंने कहा कि बदलते समय में नवाचार और नेतृत्व क्षमता ही सफलता की कुंजी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन की ओर से समस्तीपुर डेयरी के पूर्व प्रबंध निदेशक श्री डी&period;के&period; श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण में कहा कि सतत विकास के लिए लचीलापन आवश्यक है&period; उन्होंने कहा कि प्रबंधन के क्षेत्र में सफलता पाने के लिए परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालना जरूरी है। पीएमए के अध्यक्ष एडवोकेट बी&period;के&period; सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी में नेतृत्व&comma; हरित एवं सतत विकास तथा युवाओं की उद्यमशीलता भारत के समावेशी और लचीले विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं&period; उन्होंने छात्रों को नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वरिष्ठ बैंकर श्री आर&period;के&period; चंद्र ने छात्रों को बड़े सपने देखने और उन्हें दृढ़ संकल्प के साथ पूरा करने की प्रेरणा दी&period; पीएमए के सचिव और प्रबंधन सलाहकार इंजीनियर एम&period;के&period; दास ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए व्यक्तिगत लचीलापन और सॉफ्ट स्किल्स अत्यंत आवश्यक हैं। मुख्य वक्तव्य इंटरनेशनल बिजनेस स्कूल के प्रिंसिपल डॉ&period; मनोज कुमार मिश्रा ने दिया&period; उन्होंने तकनीकी दक्षता&comma; नवाचार और आजीवन सीखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यही तत्व छात्रों और समाज को भविष्य के लिए तैयार करेंगे। कार्यक्रम में कैप्टन ज्ञानेंद्र&comma; बिहार के पूर्व अटॉर्नी जनरल श्री ए&period;के&period; सिंह&comma; इंजीनियर महेश्वर प्रसाद और प्रोफेसर असीम कुमार सिन्हा ने भी छात्रों से संवाद किया और प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। संगोष्ठी के अंत में प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति जताई कि बदलते समय में लचीलेपन&comma; नवाचार और सतत विकास की सोच ही देश को आगे ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।<&sol;p>&NewLine;

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