राष्ट्रीय डेंगू दिवस : जागरूकता से ही डेंगू से बचाव संभव

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> गर्मी के मौसम में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ जाता है। बारिश शुरू होते हीं घर व इसके आसपास जमा होने वाले पानी में डेंगू के मच्छर पनपने लगते हैं। लिहाजा डेंगू&comma; मलेरिया व चिकनगुनिया जैसे रोग का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। संभावित रोग के खतरे व इससे बचाव संबंधी उपायों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से डेंगू की रोकथाम सुरक्षित कल के लिये हमारी जिम्मेदारी है की थीम जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में जागरूकता संबंधी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मौके पर स्कूली बच्चों द्वारा प्रभातफेरी निकाली गयी। वहीं बैनर&comma; पोस्टर व पंपलेट के माध्यम से जनजागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जानलेवा बीमारी है डेंगू&comma; समय पर उपचार जरूरी<br &sol;>जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि डेंगू एक जानलेवा बीमरी है। सही समय पर इलाज शुरू नहीं होने पर ये रोग जानलेवा साबित हो सकता है। ये किसी भी उम्र के लोगों को अपना शिकार बना सकता है। डेंगू के मच्छर स्वच्छ पानी में पनपते हैं। जो दिन के समय ही लोगों को काटते हैं। इसलिये घर के आसपास पानी का जमाव नहीं होने देने से रोग को बहुत हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। पीड़ित मच्छर को जब किसी व्यक्ति को काटता है तो व्यक्ति का रक्त मच्छर में संचारित हो जाता है। इसी तरह ये मच्छर जब दूसरे व्यक्ति को काटता है। तो ये वायरस उस व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर उसे भी बीमार बना देता है। रोग के शुरुआती लक्षणों में ठंड लग कर बुखार आना&comma; शरीर व जोड़ों में गंभीर दर्द&comma; आंखों के पीछे दर्द&comma; थकान&comma; मतली&comma; चकत्ते रोग के सामान्य लक्षण हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बीते वर्ष जिले में 135 मरीज हुए थे डेंगू के शिकार &&num;8211&semi;<br>जिले में हर साल डेंगू के मामले बड़ी संख्या में सामने आते हैं। बीते वर्ष 2022 में जिले में डेंगू के कुल 213 मामले सामने आये। वहीं वर्ष 2023 में जिले में डेंगू के करीब 135 मामले सामने आयें। जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में डेंगू के अधिकांश मरीज माइग्रेटेड हुआ करते थे। लेकिन वर्ष 2023 में इस ट्रेंड में बड़ा बदलाव देखा गया। इस वर्ष बड़ी संक्ख्या में डेंगू के वैसे मरीजों को चिह्नित किया गया। जिनका कोई ट्रेवेल हिस्ट्री नहीं था। विभाग इसे बड़ी चुनौती के रूप में देखता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जो ये दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर भी अब डेंगू संक्रमित मच्छर पहले की तुलना में अधिक सक्रिय हो चुके हैं। जो रोग के प्रसार के लिहाज से चिंताजनक साबित हो सकता है।<br>घर के आसपास मच्छरों को पनपने से रोकें डेंगू से बचाव के लिये एडीज मच्छर को घर के आसपास पनपने से रोकना जरूरी है। ये रोग पर प्रभावी नियंत्रण का बेहतरीन उपाय है। डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह के मुताबिक घर के आसपास पानी को जमा नहीं होने देना&comma; एसी&comma; कूलर&comma; वर्तन&comma; बाल्टी में पानी को खुला न छोड़ें&comma; जरूरी होने पर पानी समय समय पर बदलना सहित मच्छर से बचाव के लिये प्रयुक्त क्वाइल&comma; लिक्विड का दिन के समय इस्तेमाल जरूरी होता है।<&sol;p>&NewLine;

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